संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। महर्षि कश्यप की जयंती पर शुक्रवार को संगरौली में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें कहा गया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार मान्यता है कि कश्यप ऋषि ने ही संपूर्ण सृष्टि का निर्माण किया था। पुराण के अनुसार, कश्यप जी की पत्नियों से ही मानस पुत्रों का जन्म हुआ, जिसके बाद से इस सृष्टि का सृजन हुआ। इसीलिए महर्षि कश्यप सृष्टि के सृजक या सृष्टि के सृजनकर्ता कहलाते हैं।
इस मौके पर कांग्रेस के युवा नेता रोहित भाणा ने कहा कि महर्षि कश्यप परमपिता ब्रह्म के अवतार थे और उन्होंने सृष्टि की रचना कर मानवता पर उपकार किया। भाणा महर्षि कश्यप जयंती के मौके पर शुक्रवार को हलके के कई गांवों में शिरकत करने के बाद गांव संगरौली में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कश्यप ऋषि उन सप्तर्षियों में से है, जिनका बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। श्री नरसिंह पुराण और विष्णु पुराण में महर्षि कश्यप की वंशावली का उल्लेख प्राप्त होता है। महर्षि कश्यप के पिता का नाम मरीचि था। जो ब्रह्म के मानस पुत्र थे।
महर्षि कश्यप को ही सृष्टि सृजन का श्रेय प्राप्त है, इन्हें परम पिता ब्रह्मा का अवतार माना गया है। कश्यप ऋषि एक वैदिक ऋषि है जो देवता, दैत्य, असुर ,नाग आदि के जनक माने जाते हैं। महर्षि कश्यप अपने श्रेष्ठ गुणों ,तेज, प्रताप एवं तप के बल पर श्रेष्ठतम महान विभूतियों में गिने जाते हैं। महर्षि राग द्वेष रहित, परोपकारी ,चरित्रवान और प्रजा पालक थे।
वे निरंतर धर्म उपदेश देते रहते थे, जिनके कारण उन्हें महर्षि जैसी श्रेष्ठतम उपाधि हासिल हुई। महर्षि कश्यप ने दक्ष प्रजापति की 13 कन्याओं से विवाह किया। महर्षि कश्यप का आश्रम सुमेरु पर्वत पर माना जाता है और वे संपूर्ण मानवता के पिता प्रजापति है। उन्होंने समाज के लोगों को महर्षि के दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस मौके पर कृष्ण कश्यप, बलियाराम, ईश्वर, रिंकू कश्यप, कालाराम, देवीदयाल, मोनू कश्यप, पालाराम, भजन कश्यप, कर्मवीर, भीम पंडीर, रमेश सेन, कर्म सिंह कश्यप, रणबीर कश्यप, अर्जन कश्यप व तिलक राज कश्यप मौजूद थे।