ढांड। नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जिला जींद के सफीदों तहसील के हैचरां कलां के 42 वर्षीय युवा बुग्गी को कंधे पर रख भीषण गर्मी में पैदल चलते हुए नशे के खिलाफ अलख जगा रहे है। उन्होंने शुक्रवार को ढांड, चंदलाना, कौल, साकरा होते हुए शुक्रवार को करनाल जिला के माजरा रोड़ान में प्रवेश किया। यात्रा के दौरान रविंद्र तोमर युवाओं को नशा ना करने की अपील करते हंै।
युवाओं को अपने संदेश में रविंद्र कहते है कि भगवान ने आपको मानव श्रेणी में कुछ अच्छा करने के लिए भेजा है। अगर हम संसार में दूसरों के लिए कुछ अच्छा नही कर सकते तो अपना जीवन तो अच्छे से गुजार लें। समझाते हैं कि नशा एक ऐसी प्रवृत्ति है जिसकेा लग जाए जाने का नाम नही लेता है। युवाओं का काम पढ़ लिख कर देश व समाज को नई राह दिखाना है और यह हम तभी संभव कर पाएंगे जब हम इसके लिए सक्षम होंगे।
दादा ने निकाली थी यात्रा
रविंद्र तोमर का कहना है कि बचपन में वह दंगल में कुश्ती खेलते थे। उसके पिता व दादा भी दंगल के खिलाड़ी रहे हैं। रविंद्र कहते हैं कि उनके दादा ने नशे के खिलाफ पांच गांवों में पैदल बुग्गी से यात्रा निकाली थी। उनसे प्रेरित होकर पांच मई को नशे के खिलाफ यात्रा शुरू की थी जोकि 30 मई को संपूर्ण हुई। अब दूसरे चरण की यात्रा शुरू की है। हरिद्वार से 23 डिब्बे गंगाजल के लेकर आऊंगा। 22 जिलों में युवाओं को संदेश देते हुए स्कूलों में गंगाजल का छिड़काव करूंगा। मुख्यमंत्री से भी मिलना चाहता हूं। संवाद