गुहला-चीका एरिया के एक गांव की महिला ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में महिला पुलिस थाना अधिकारियों व डीएसपी पर जांच में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। जिसके कारण दुष्कर्म के आरोपी जमानत हासिल करने में सफल हो गए। पीड़िता इस मामले में न्याय की मांग को लेकर लघु सचिवालय पहुंची। जहां परिजनों के साथ वह न्याय न मिलने की बात कहते हुए फूट-फूट कर रोने लगी। एसपी ने महिला की शिकायत पर मामले की जांच दूसरे डीएसपी को सौंप दी है।
सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता इस महिला ने बताया कि उसके पति की मौत के बाद उसके जेठ ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसके दूसरे जेठ ने भी नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करवाया। उसके जेठ का एक आढ़ती के साथ लेन-देन था। नशीला पदार्थ पिलाकर आढ़ती ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने इस मामले में उसके दो जेठ व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया था। पीड़िता ने कहा कि महिला थाना की पुलिस अधिकारी एवं डीएसपी स्तर के अधिकारी उसके बार-बार बयान दर्ज करते रहे। उसने जो शिकायत दी थी, उसकी बजाए अपनी ही शिकायत लिख ली। जिसमें उसके हस्ताक्षर करवा लिए। वह बयान कुछ और देती, पुलिस लिख कुछ और देती।
उसने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के चलते मुश्किल से तो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। लेकिन गिरफ्तारी से पूर्व ही उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई। पीड़िता की बहन सहित अन्य ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच कर रहे डीएसपी, महिला थाना के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ऐसी जांच हुई कि आरोपी जमानत पर रिहा भी हो गए। उसने कहा कि वह न्याय की आस लेकर पिछले दिनों एसपी से भी मिलीं थीं। लेकिन उन्हें गुमराह किया गया। जिस कारण अब फिर वे एसपी से मिलने पहुंची हैं। उसके साथ उसके तीन बच्चे, गांव वासी सहित अन्य लोग थे। एसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मामले की अभी जांच चल रही है। जांच पूरी नहीं हुई है। लेकिन आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई है। न्यायालय ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा है। महिला जांच से संतुष्ट नहीं हैं। जिस कारण जांच अधिकारी बदल दिया गया है। इस मामले की जांच दूसरे डीएसपी करेंगे। पीड़िता को पूरा न्याय दिलवाया जाएगा।
सुमेर प्रताप सिंह, एसपी