हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन की ओर से बस स्टैंड पर न्यू ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के खिलाफ डिपो प्रधान सुरेश कुमार बनवाला की अध्यक्षता में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। तीन दिन तक चलने वाले इस अभियान के बाद हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को सरकार को भेजा जाएगा।
राज्य उप महासचिव जसबीर सिंह व केंद्रीय कमेटी के नेता सुमेर सिवाच ने बताया कि हरियाणा सरकार जनता व कर्मचारियों के जबरदस्त विरोध को दरकिनार करके प्रदेश में नई परिवहन नीति लाने की जिद पर अड़ी है। इस नीति के तहत सरकारी बसें खरीदने के स्थान पर प्राइवेट कंपनियों से बसें व चालक स्कीम के तहत अनुबंध पर लिए जा रहे हैं। इससे सरकार को नई बसें खरीदने व चालकों की भर्ती करने की जरूरत नहीं रहेगी।
जितनी बसें व चालक रिटायर होंगे प्राइवेट कंपनियों से आते रहेंगे और धीरे-धीरे रोडवेज विभाग बंद हो जाएगा। प्रदेश की जनता की सुविधाजनक यात्रा बंद हो जाएगी। रियायती दरों पर छात्र पास से वंचित व यात्रा मंहगी हो जाएगी। बेरोजगार युवक रोडवेज विभाग में नौकरी से वंचित रह जाएंगे।
राज्य उपप्रधान प्रदीप शर्मा, डिपो सचिव राजकुमार नेपेवाला व कैशियर सुरेंद्र सिंह श्योकंद ने बताया कि 25 किलोमीटर तक के दायरे में पड़ने वाले गांवों की बस सुविधा पर रोक लगा दी गई है और सभी श्रेणियों के खाली पदों पर भर्ती नहीं की जा रही है। प्रदेश में 950 बसें खड़ी-खड़ी खराब होने व उनको चलाने पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
रोडवेज विभाग में 725 चालक आउट सोर्सिंग नीति के तहत 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। एक वर्ष बाद इन युवकों व बसों का क्या होगा। इसका सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।
वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश चहल, चंद्रहास श्योराम व अमित कुंडू, सुरेश चहल, संजय मटौर, कृष्ण कुमार, रणबीर सिंह बालू, जसमेर, चंद्रहंस, सोनू, रमेश, सुरेश मराठा, गुरदयाल और सुभाष मौजूद रहे।