कलायत। हिन्दू धर्म में हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर रामलला का जन्म हुआ था। रामनवमी के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्ट मिट जाते हैं। पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि राम नवमी सिर्फ जन्मोत्सव नहीं है बल्कि मर्यादा, संयम और धर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा है। उन्होंने बताया की इस बार कई शुभ संयोग में रामनवमी मनाई जाएगी। इस दिन मनोकामना पूर्ण करने के लिए कुछ उपाय जरूर करना चाहिए।
शांडिल्य ने बताया की वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 5 अप्रैल को शाम 07: 26 बजे शुरू होगी। जो अगले दिन 6 अप्रैल को शाम 07: 22 बजे समाप्त होगी। हिन्दू धर्म में उदया तिथि का खास महत्व होता है इसलिए रामनवमी का पर्व 6 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस साल यह पर्व और खास होने वाला है क्योंकि रामनवमी पर कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन भी होगा यानी मां दुर्गा की पूजा का समापन और श्रीराम के स्वागत का दिन जो शक्ति और शांति का अद्भुत संगम होगा। रामनवमी के दिन सुकर्मा योग, रवि योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि और पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन पूजा-पाठ, स्नान-दान और जप-तप करने से कई गुना अधिक पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। कोई भी शुभ कार्य करने के लिए ये सभी योग बहुत ही शुभ माने जाते हैं।
मनोकामना पूरी करने के लिए जरूर करें ये उपाय
1. रामनवमी पर सुबह स्नान-ध्यान के बाद रामचरितमानस से बालकांड का पाठ करें।
2. रामनवमी पर भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए तुलसी के 108 पत्तों पर श्रीराम लिखें और इसकी माला बनाकर भगवान राम को चढ़ाएं।
3. रामनवमी के दिन अगर मनचाही सफलता पाना चाहते हैं तो राम मंदिर में सवा किलो चने की दाल और गुड़ का दान करना चाहिए।
4. इस दिन को आत्मचिंतन, मौन और ध्यान के साथ बिताएं। खुद से जुड़ने और श्रीराम के आदर्शों को समझने का दिन है।