Raksha Bandhan festival increased enthusiasm in the markets
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रक्षा बंधन को लेकर बाजारों में चहल पहल शुरू हो चुकी है। बहनों द्वारा जहां भाइयों को डाक द्वारा राखियां व रक्षा सूत्र भेजे जा रहे है वहीं दुकानों पर सजी विभिन्न प्रकार की राखियां हर किसी को अपनी और आकर्षित कर रही है। राखी पर्व पर भी महंगाई का साया पड़ता दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके विपरीत बहने राखियों को खरीद रही हैं। हालांकि बाजार में इस समय 5 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की कीमत राखियां मिल रही हैं। वहीं रुपयों व चांदी का प्रचलन भी बढ़ रहा है। बहनों के उत्साह के आगे राखियों के महंगे दाम भी उनके उत्साह को रोक नहीं पा रहे हैं।आधुनिक दौर में रेशम की डोर की जगह फैंसी राखियों का चलन ज्यादा बढ़ गया है। मुख्य बाजार के दुकानदार सुभाष रावल, ईश्वर, रमेश, नीरज, गोल्डी बंसल, वीरेंद्र शर्मा ने बतायां कि पहले परांदा ही रक्षा सूत्र होता था। इसी को कलाई पर बांध रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता था। लेकिन अब बाजार में रतन जड़ित नग, स्टोन इत्यादि विभिन्न फैंसी राखियों की डिमांड अधिक बढ़ रही है। साथ ही नग से जड़ी रेशम की डोरियां भी बहने खूब खरीद रही हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में महंगी व सस्ती हर प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं। फिर भी अधिकतर महिलाएं परंपरागत राखी की मांग कर रही हैं जो कुछ दुकानों पर ही उपलब्ध हैं।