संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अब जिले की अनाज मंडियों में सरसों की आवक में तेजी आने लगी है जबकि इस बार सरसों का दाम कम मिलने से किसानों में हताशा है। सरकार की तरफ से 5650 रुपये प्रति क्विंटल भाव निर्धारित किया है, लेकिन इस समय 4500 रुपये तक ही सरसों के दाम किसानों को मिल रहे हैं। जिले में इस बार 3500 एकड़ में लगी सरसों की खरीद की जानी है इसलिए लिए कलायत व राजौंद की अनाज मंडी को सरसों का खरीद केंद्र बनाया गया है। मंगलवार को चार से पांच क्विंटल सरसों नई अनाज मंडी कैथल में पहुंची, लेकिन इसकी सरकारी खरीद नहीं हुई।
गौरतलब है कि सरकार ने पिछले वर्ष 5450 रुपये सरकारी दाम निर्धारित किया था, लेकिन इस बार 5650 रुपये निर्धारित किया हुआ है। पिछले साल एमएसपी से ज्यादा भाव पर सरसों बिका था, लेकिन इस बार सरसों के भाव कम मिलने से किसानों को नुकसान हो रहा है।
सरसों की खेती करने वाले किसान रमन कुमार ने बताया कि चार एकड़ में सरसों की खेती की है। पिछले
साल छह हजार रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिले थे, इस बार भाव कम मिल रहे हैं। सरकार को चाहिए कि एमएसपी पर सरसों की खरीद की जाए, ताकि किसानों को नुकसान न हो।
नई अनाज मंडी के पूर्व चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने बताया कि अभी मंडी में सरसों की आवक तो शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद मंगलवार को भी शुरू नहीं हो पाई है। उम्मीद है कि अब बुधवार या वीरवार को सरसों की खरीद पूरी तरह से हो जाएगा।