कैथल। लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद शुक्रवार को लघु सचिवालय में पहली बार हुई जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी कार्यकर्ताओं की ओर से अफसरशाही हावी होने का मुद्दा उठाया गया। बैठक के समापन के बाद जब कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने भाजपा कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों से उनकी समस्याओं पर बातचीत की तो उन्होंने मंत्री के समक्ष अपना दुखड़ा रोया।
भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने फोन न उठाने के भी आरोप लगाए। कहा कि बार बार फोन करने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं होता है। कार्यकर्ताओं का यह तक कहना था कि कुछ अधिकारी तो अपने आप को सरकार, विभाग से बड़ा समझते हुए सर्वेसर्वा समझते हैं।
गांव कुराड़ से भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री को बताया कि उनके गांव में खेत खलिहान योजना के तहत दो किलोमीटर तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाना था। इसके लिए सरकार की ओर से ग्रांट भी दी गई, लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद कोई काम नहीं हो सका है। इसके बाद फतेहपुर के एक कार्यकर्ता ने गांव में तालाब की खोदाई के तहत कार्य पूरा करने की मांग की। कहा कि उन्होंने संबंधित बीडीपीओ से कई बार फोन पर संपर्क किया। उसका तो यह कहना था कि वे तो स्थानीय विधायक की मानते हैं। जबकि अब वह विधायक कांग्रेस में चला गया है। ऐसे में अब भाजपा कार्यकर्ताओं तक के काम नहीं हो पा रहे हैं।
गुहला के भाजपा कार्यकर्ता भरत ने कहा कि गुहला क्षेत्र पंचायती विभाग में अधिकारियों की कमी की काफी समस्या है। यहां पर 23 में महज 11 ही मौके पर हैं जबकि अधिकतर पद खाली हो चुके हैं। उन्होंने 100-10 गज के प्लाट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्लाट मालिकों की रजिस्ट्री का कार्य तो पूरा हो चुका है, लेकिन उनके प्लाटों पर कब्जा है। अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की समस्याएं सुन ली गई हैं, अगली बैठक में इसमें पूरी तरह से सुधार हो जाएगा। संवाद