जिले भर में दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बारिश से पहले किसान अपने खेतों में फसलों की सिंचाई कर चुके हैं। अब बारिश से फसलों को नुकसान होने का डर है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को तीन-चार दिन तक सिंचाई न करने की सलाह दी है। जिले भर में इस साल गेहूं की फसल अच्छी बताई जा रही है। कृषि विभाग की ओर से कैथल जिले में 82.20 लाख क्विंटल गेहूं के उत्पादन का अनुमान है, लेकिन शुक्रवार और शनिवार को हुई हल्की बरसात के कारण फसल को नुकसान हो सकता है।
यदि सोमवार को भी बरसात होती है तथा किसानों की गेहूं जमीन में बिछ जाती है तो नुकसान ज्यादा हो सकता है। अधिकतर किसानों ने इस समय अपनी फसल में सिंचाई कर दी है। ऐसे में और ज्यादा पानी मिलने के कारण फसल पर विपरीत असर पड़ेगा। गेहूं की फसल एक बार जमीन पर बिछ गई तो उसमें गेहूं का दाना कमजोर एवं छोटा बनेगा।
किसान रामकुमार, राजकुमार, संजय, राजेश कुमार, राजेंद्र ने कहा कि यदि बरसात तेज हो जाती है तो गेहूं की फसल को नुकसान होगा। खेतों में जिस भाग में पानी ज्यादा खड़ा हो गया, वहां गेहूं की फसल पीली हो जाएगी। इससे झाड़ कम रहेगा।
शनिवार को दिन भर छाए रहे बादल
शनिवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। दिन में रुक-रुक कर बरसात होती रही जिस कारण सर्दी से मिली राहत फिर से परेशानी में बदल गई। सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया। वहीं खेतों में बरसात के प्रभाव के कारण किसान चिंतित रहे। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. राजेंद्र वर्मा के अनुसार उन किसानों को नुकसान हो सकता है, जिन्होंने अपने खेतों में सिंचाई कर दी है। रविवार को भी बरसात की संभावनाएं हैं इसीलिए किसान अगले तीन या चार दिन तक अपनी फसल में सिंचाई न करें।