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बारिश ने खेतों में मचाई तबाही

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कैथल। तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश ने खेतों में तबाही मचा दी है। शनिवार को बारिश नहीं थमी। जिले में पिछले तीन दिनों में धान, कपास व बाजरा की 15 हजार एकड़ से अधिक फसल खराब हो चुकी है। इसमें धान की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, मंडियों में तीसरे दिन भी जलभराव की स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। बारिश के कारण शहर की तमाम सड़कों पर जलभराव के चलते राहगीरों को दिक्कतें हो रही हैं। शुक्रवार को भी जिले में औसतन 30.28 एमएम बारिश दर्ज की गई। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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गौरतलब है कि पछेती बाजरा की किस्म पर आया बौर बारिश से धुल गया है। पक चुके बाजरे का दाना काला पड़ गया है। बेल वाली सब्जियों में भी किसानों को नुकसान हुआ है। लगातार बारिश के चलते अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हवा की गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तेज बरसात होने की संभावना है।
तिरपाल ढककर बचा रहे धान की फसल
मंडी में आढ़तियों की हड़ताल के चलते अगेती किस्म की धान की खरीदारी नहीं हो रही। मंडियों में धान लेकर पहुंचे किसानों को उसके खराब होने का डर सता रहा है। कई किसानों का धान भीगकर खराब भी हो चुका है। इससे किसानों में नाराजगी भी है। धान को बचाने के लिए किसान तिरपाल और पॉलिथीन का इस्तेमाल कर रहे हैं पर जलभराव के चलते उनकी कमाई मिट्टी में मिलती जा रही है। शहर की मंडी में इस समय लगभग 30 हजार क्विंटल के आसपास धान पहुंच चुका है। इसमें अनुमान के मुताबिक करीब आठ से 10 हजार क्विंटल धान खराब हो चुका है।
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ज्यादा बरसात हुई तो फसलों को नुकसान
कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि कपास तथा बाजरा के लिए बरसात नुकसानदायक है। बरसात के साथ हवा की गति तेज होने के चलते धान की फसल खेतों में पसर गई है, वहां बालियां खाली हो जाएंगी। अगर बारिश तेज होती है तो धान के लिए भी नुकसानदायक होगी। धान फसल पकने की तरफ जा रही है। 26 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। आकाश में बादल छाये रहने के साथ तेज बरसात की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वह मौसम को देखते हुए फसलों में सिंचाई तथा स्प्रे से परहेज करें। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि खेतों में खराब हुई फसल की जल्द ही गिरदावरी करवाई जाएगी। किसान खेत में पानी बिल्कुल भी न दें।
बारिश का ब्योरा
30. 28 प्रतिशत बरसात
सीवन- 85 एमएम
कैथल 13 एमएम
ढांड- 21 एमएम
राजौंद- 09 एमएम
गुहला- 62 एमएम
कलायत- 11 एमएम
पूंडरी- 20 एमएम
सीवन में सब्जियां खराब
सीवन। पिछले तीन दिन से चल रही बरसात अब सब्जी किसानों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। क्षेत्र के किसान जरनैल सिंह धन्जु, राजेश रहेजा, कुलदीप सिंह, रविंद्र सिंह, भीषू चौधरी, विजय सरदाना, अंतर सिंह, विक्की आहूजा, सतीश सरदाना, जितेंद्र सरदाना व अन्य किसानों का कहना है कि बेल वाली सब्जियों की फसल को बरसात से काफी नुकसान है। दूसरी ओर जहां पर सब्जियों के लिए बीज लगाया गया है उसे नुकसान हुआ है। किसान अब जनरेटर सेट व पंप लगाकर खेतों में से पानी निकाल रहे हैं। सीवन में तो आम जनता को भी इस बरसात से खासी परेशानी हो रही है। नगर में निचली बस्तियां जलमग्न हो गई हैं। इससे जनता को परेशानी हो रही है।
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