Rain water drainage stopped, tight people announced migration
- फोटो : Kaithal
कलायत में दिन प्रतिदिन विकराल रूप लेती बरसाती पानी निकासी की समस्या से आवासीय क्षेत्रों में स्थिति बिगड़ती जा रही है। बद से बदतर होते हालातों का प्रमुख कारण ठप्प निकासी नालों को माना जा रहा है। इस गंभीर समस्या से तंग आए कलायत वार्ड 1 पीर कालोनी के लोगों ने हालातों में सुधार न होने पर पलायन की बात कही है।
जोगेंद्र चौहान, सतू राम, हिम्मत सिंह, विधवा अनीता, रामा, इंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, कर्मवीर सिंह व संजय कुमार ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में कई-कई फुट पानी जमा है। जल स्तर घटने की बजाए बढ़ता जा रहा है। संकट से निपटने के लिए प्रभावित लोग अपने स्तर पर संसाधन जुटा रहे हैं। पानी भराव से आशियानों की दीवारें, फर्श और छत धंस रहे हैं। बादलों की गरजना के साथ उनकी नींद उड़ जाती है। रात को जाग-जागकर के संकट के दिन गुजार रहे हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं। आने-जाने का कोई रास्ता नहीं बचा है। निकासी के नाम पर एक इंजन रखा गया था। एक घंटे चलाने के बाद इस इंजन को अधिकारियों ने वहां से हटा दिया। तर्क है कि इसके ज्यादा वे कुछ नहीं कर सकते। प्रभावितों का कहना है कि जब पानी निकासी के लिए नाले ही सक्षम नहीं हैं कि इंजन और दूसरे उपकरणों का औचित्य आखिरकार क्या है।
कलायत के आदर्श गांव ढूंढवा में प्रगतिशील किसान शीशपाल के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें हैं। करीब तीन एकड़ में लगाए गए बाग में जल भराव के कारण अमरूद व अन्य फल नष्ट हो गए हैं। आरोप है कि सूचना के बाद भी अधिकारी न तो हालातों का मुआयना कर रहे और न ही उनकी पीड़ा का निवारण किया जा रहा। इस दयनीय स्थिति से पूरा परिवार बेहद परेशान है।