बेमौसमी बरसात ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में बरसात का पानी जमा हो गया है। वहीं कई स्थानों पर ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसल जमीन पर बिछ गई है जो खराब होने के कगार पर है। हालांकि फसल को पहले हुई बरसात से भी काफी नुकसान हो गया था, लेकिन अब और ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। शनिवार को जिले में औसतन 13.85 एमएम बरसात दर्ज की गई। इसमें सबसे ज्यादा बरसात गुहला क्षेत्र में हुई। गुहला के कुछ गांवों और पूंडरी क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई है। किसान कृष्ण कुमार, सुरेश, नरपाल, दिलबाग और गुलाब सिंह ने बताया कि जिन स्थानों पर फसल में बरसात का पानी जमा हो गया है, वहीं गेहूं का झाड़ भी कम होगा। प्रति क्विंटल तक कम से कम आठ से पांच से 10 मण अनाज कम होगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि शनिवार को गुहला में 44 एमएम, सीवन में 25, कैथल में 05, पूंडरी में ओलावृष्टि के साथ 10, ढांड में 11, कलायत में हल्की बरसात व राजौंद में 02 एमएम बरसात हुई। उन्होंने बताया कि कल भी बरसात की संभावना है।
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिगी सेल्सियस दर्ज किया गया। 121 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली हवा में 87 प्रतिशत तक नमी बनी रही।