गांव बालू बिढान पत्ती की मुख्य गली में जमा बरसाती पानी।
कलायत। क्षेत्र के गांव बालू में हल्की सी बरसात ने पंचायत विभाग और स्थानीय प्रशासन के जल निकासी के दावों की पोल खोल दी है। मामूली बारिश के कारण गांव की बिढान पत्ती की मुख्य गली और रापड़िया पत्ती के वाल्मीकि मोहल्ले की गलियां पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। हालात इस तरह बदतर हैं कि इन रास्तों पर घुटनों तक बदबूदार गंदा पानी जमा है जिससे स्थानीय ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति बिढान पत्ती की है जहां का मुख्य मार्ग पूरी तरह से जोहड़ का रूप ले चुका है। ग्रामीण, महिलाएं और स्कूली बच्चे इसी बदबूदार पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
अस्पताल, स्कूल व धार्मिक स्थलों का रास्ता ठप
ग्रामीण गुरदेव सिंह, शमशेर, मिया सिंह, प्रवीण और कुलदीप ने रोष प्रकट करते हुए बताया कि बिढान पत्ती की जिस मुख्य गली में पानी जमा है, वह गांव की लाइफलाइन है। इसी मार्ग से होकर ग्रामीण बस अड्डा, सरकारी अस्पताल, राजकीय स्कूल, मंदिर और गुरुद्वारा साहिब तक पहुंचते हैं। जलभराव के कारण बुजुर्गों व बच्चों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि थोड़ी सी बरसात होते ही यहां अमूमन यही नजारा बन जाता है। कई-कई दिनों तक गंदे पानी का ठहराव रहने के कारण अब इलाके में डेंगू, मलेरिया और त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि पिछले दिनों ही उपायुक्त अपराजिता की ओर से ग्राम पंचायतों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि जिन गांवों में तालाब ओवरफ्लो हैं, वहां पानी की निकासी तुरंत सुचारू की जाए लेकिन धरातल पर अधिकारियों और पंचायत विभाग की सुस्ती के कारण उपायुक्त के आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
गांव बालू बिढान पत्ती की मुख्य गली में जमा बरसाती पानी।