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कैथल में दो, गुहला में छह और कलायत में हुई एक एमएम बरसात

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दिन भर हल्की बरसात के चलते जिले के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी आ गई है, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। वहीं शीतलहर के कारण बढ़ी ठिठुरन से लोग घरों में दुबकने को विवश हो गए हैं। सोमवार को जिले में सुबह से लेकर शाम तक लगातार बूंदाबांदी होती रही। सुबह से शाम तक बादलों से आसमान ढका रहा। एक पल के लिए भी लोगों को सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि शाम तक कैथल में दो एमएम, गुहला में छह एमएम और कलायत में एक एमएम बरसात दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बरसात गुहला में हुई। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मंगलवार को भी मौसम ऐसे ही रहेगा। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी आएगी।
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4.5 डिग्री कम हुआ जिले का न्यूनतम तापमान :-
बूंदाबांदी के बाद जिले के न्यूनतम तापमान में 4.5 डिग्री सेल्सियस तक कमी हुई। वहीं अधिकतम तापमान भी दो डिग्री सेल्सियस तक कम हो गया। धान अनुसंधान केंद्र कौल के ऑब्जर्वर बलवीर सिंह ने बताया कि सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के करीब रहा। शाम के समय 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली हवा में 88 प्रतिशत तक नमी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि बूंदाबांदी कल भी जारी रहने की प्रबल संभावना है।
कृषि विज्ञान केंद्र कौल के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने बताया कि इस मौसम में हुई बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को काफी लाभ होगा। सब्जियों को भी किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जिले में पाला जमने की संभावनाएं काफी ज्यादा थी, लेकिन बूंदाबांदी के कारण अब करीब 10 दिन तक पाला जमने की संभावना कम हो गई है। धूप निकलते ही सब्जियों की फसलों को भी इससे फायदा होगा।
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सडक़ों पर बने कीचड़ जैसे हालात :-
बरसात के कारण एक ओर जहां शहर में लोगों को सड़कों पर चलने में परेशानी हुई, वहीं ग्रामीण क्षेत्र को शहर से जोड़ने वाली सडक़ों पर कीचड़ जैसे हालात बने रहे। सड़कों पर बने गड्ढों में कीचड़ जमा हो गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर फिसलन बनी रही।
फिर बढ़ी ठंड से घरों में दुबके लोग
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सीवन। कुछ दिन धूप निकलने व सर्दी का प्रकोप कम हो गया था। सोमवार को हुई हल्की बूंदाबांदी जो काफी देर तक चली, उससे एक बार फिर सर्दी बढ़ गई है। लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया। बाजारों सेे भी रौनक गायब थी। बूंदाबांदी से कई स्थानों पर दलदल हो गई। जहां इस बूंदाबांदी ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया वही किसानों ने इसेे गेहूं की फसल के लिए लाभदायक बताया। किसानों के अनुसार अगले दो दिन मौसम ऐसे ही सर्द रहने व बारिश होने की संभावना है।
किसानों के चेहरे खिले
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ढांड। सोमवार सुबह से शुरू हुई बूंदाबांदी से मौसम ठंडा हो गया है। बूंदाबांदी के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। मौसम में अचानक आए बदलाव से दिन में ठंड बढ़ गई है। किसान रामेश्वर, रमेश कुमार, ओमप्रकाश व महेंद्र सिंह का कहना है कि इससे जहां गेहूं की फसल को फायदा होगा वहीं दूसरी फसलों के लिए भी वरदान साबित होगी। पूरा दिन धूप के लिए लोग ताकते रहे, लेकिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके। रविवार रात्रि करीब सात बजे शुरू हुई हल्की बारिश ने खासी ठंडक का अहसास करा दिया। सोमवार को भी पूरा दिन बूंदाबांदी के कारण बढ़ी ठिठुरन से खुले आसमान के नीचे जीवनयापन करने वाले भिक्षुक, साधु व असहाय लोगों की मुसीबतें बढ़ गई है।
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