संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिछले तीन दिन से हो रही बारिश ने किसानों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। मंडियों में रखी धान की फसल में नमी बढ़ रही है, वहीं खेतों में खड़ी पक्की फसल भी बारिश की चपेट में आ गई है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं और लगातार बरसात के कारण फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
व्यवस्था से नाराज किसानों का कहना है कि मंडियों में नमी की अधिकता का हवाला देकर धान की समय पर खरीद और उठान नहीं हो रहा। इससे किसान हताश हैं और अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर दो दिन में उठान और खरीद का काम सुचारू नहीं हुआ तो वे सड़क जाम करने को मजबूर होंगे।
भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर के कैथल संयोजक होशियार सिंह गिल ने बताया कि किसान लगातार मंडियों में फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन नमी के नाम पर उनकी फसल का उठान नहीं हो रहा। इसके अलावा, प्रति क्विंटल 100 से 200 रुपये तक कटौती भी की जा रही है।
अब तक कैथल की अनाज मंडी में 7.50 लाख क्विंटल धान की आवक हुई है, जिसमें से लगभग 6.5 लाख क्विंटल की ही खरीद हुई है। करीब 60% फसल का उठान हो चुका है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरी फसल का उठान किया जाएगा। कैथल मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ढुल ने कहा कि मौसम खराब होने के कारण धान की खरीद में थोड़ी समस्याएँ आई हैं, लेकिन मशीनें पूरी तरह काम कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंडी में फसल की आवक और खरीद का कार्य जल्द ही सामान्य हो जाएगा।
वहीं, बारिश से खेतों में खड़ी फसल खराब होने पर इनेलो किसान सेल कैथल के हल्का अध्यक्ष महीपाल नैन ने कहा कि सरकार और प्रशासन को तुरंत खराब हुई फसल का निरीक्षण कर मुआवजा देना चाहिए। बारिश और फसल में बीमारी के चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
गुहला-चीका की मंडी में भीगता किसानों का धान।