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बेटा होने की दवा देने पर छापामारी

Sun, 28 Jun 2015 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथ्ाल
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बेटा होने की दवा देने पर गांव सेरहधा और बीरबांगड़ा में प्रशासनिक टीम ने छापामारी की। टीम के पहुंचने से पहले ही दोनों जगह आरएमपी डॉक्टर भाग गए। जबकि एक क्लीनिक से सहायक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सेरहधा में शनिवार रात और गांव बीरबांगड़ा में रविवार दोपहर को छापामारी की गई। पुलिस ने दोनों ही आरएमपी डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पहले मामले में मिली जानकारी के अनुसार डीसी केएम पांडुरंग को शिकायत मिली थी कि गांव सेरहधा में एक आरएमपी डॉक्टर बेटा होने की दवा देता है। सूचना के बाद डीसी ने एसडीएम को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ कार्रवाई के आदेश दिए। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि गांव सेरहधा पहुंचने तक भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं पता था कि करना क्या है। सेरहधा में मलिक क्लीनिक पर एक आशा वर्कर को दवा लेने के लिए भेजा गया। आरएमपी के सहायक से महिला ने बेटा होने की दवा मांगी तो उसे इंजेक्शन दे दिया गया। इशारा मिलते ही एसडीएम के नेतृत्व में विभागीय टीम ने छापामारी कर मौके से आवश्यक सामग्री को जब्त कर लिया। साथ ही राजौंद थाना पुलिस ने सहायक संजू को गिरफ्तार कर लिया। जबकि तेजबीर सिंह मौके से फरार बताया जा रहा है।
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टीम में एसडीएम के अलावा डॉक्टर अनिल अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर सुनील दहिया व डॉक्टर सचिन माडले शामिल थे। इसी प्रकार रविवार को मिली सूचना के बाद गांव बीरबांगड़ा में एक आरएमपी डॉक्टर के क्लीनिक पर छापामारी की गई।

 इसमें पहले एक महिला को दवा लेने के लिए भेजा गया। जिसे दो पुड़िया देकर आरएमपी डॉक्टर विजेंद्र कुमार छापे की भनक लगते ही अपना क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। विभाग की टीम में शामिल डॉ. बीबी कक्कड़, सुनील दहिया, नरेंद्र कुमार, राजेश कुमार ने मौके से दो पुड़िया बरामद करते हुए उसके क्लीनिक को सील कर दिया। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई। थाना राजौंद प्रभारी सुभाष श्योकंद ने बताया कि पुलिस ने सेरहधा में मलिक क्लिनिक संचालक तेजबीर व संजू के खिलाफ केस दर्ज कर संजू को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बीरबांगड़ा के मामले में अभी कार्रवाई की जा रही है।

जारी रहेगी कार्रवाई
डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि कई जगह से ऐसी सूचनाएं आ रही हैं कि कुछ लोग भ्रमित कर प्रतिबंधित दवाएं बेच रहे हैं। ऐसी दवाएं बिना डॉक्टर की अनुमति के नहीं बेची जा सकती। जिस कारण गांव सेरहधा एवं बीरबांगड़ा में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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दो पहले पकड़े जा चुके हैं
इससे पहले विभाग की टीम ने कैथल की अमरगढ़ गामड़ी से एक डॉक्टर को ऐसे ही बेटा होने की दवा देते हुए गिरफ्तार किया था। जबकि गुहला से एक केमिस्ट को गर्भपात किट बेचते हुए पकड़ा था।
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