किन्नरों के दो गुटों में विवाद के बीच पंजाबी समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक पंजाबी सेवा सदन में आयोजित हुई। जिसमें सर्वसम्मति से पंजाबी समाज के सभी संस्थाओं ने फैसला लिया कि घर में बधाई लेने आने वाले किन्नरों को खुशी के अवसर पर केवल 1100 रुपये तक ही राशि दी जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सेवा संघ के प्रधान एवं प्रमुख समाजसेवी शिव शंकर पाहवा ने की।
बैठक में पंजाबी वेलफेयर सभा के प्रधान राजकुमार मुखीजा, इंद्रजीत सरदाना, नरेंद्र निझावन, सुषम कपूर, डॉ. पवन थरेजा, पंजाबी विकास सभा के प्रधान संजीव थरेजा, सिरायकी संस्था के प्रधान महेंद्र धमीजा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। शिव शंकर पाहवा ने बताया कि पंजाबी समाज के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि घरों में बधाई लेने जा रहे किन्नर खुशी वाले परिवार से बधाई स्वरूप मांगी गई पूरी राशि नहीं मिलने पर दुर्व्यवहार करते हैं और नग्न हो जाते हैं, जिससे समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह भी पता लगा है कि कुछ लोग कमाई के लालच में लिंग परिवर्तन करवा रहे हैं। कई जगह किन्नरों द्वारा 51000, 31,000, 21000 एवं 11,000 रुपये की राशि बधाई के लिए मांगी जाती है। इसी कारण समस्त पंजाबी समाज द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पंजाबी समाज के किसी भी परिवार में बेटे की शादी हो या बेटा का जन्म हो उस परिवार द्वारा घर पर बधाई लेने आने वाले किन्नरों को केवल 1100 रुपये ही दिए जाएंगे। यदि इस राशि से वे संतुष्ट न होकर विवाद खड़ा करते हैं तो पंजाबी समाज की संस्थाओं की 11 सदस्य कमेटी स्थिति से निपटेगी। जरूरत पड़ी तो पुलिस को भी मौके पर बुलाया जाएगा। साथ ही यह फैसला भी किया गया है कि जब भी दीवाली या कोई अन्य त्योहार पर किन्नर दुकानों पर जाते हैं तो दुकानदारों द्वारा बधाई के तौर पर केवल 100 रुपये ही दिए जाएंगे। बैठक में पंजाबी वेलफेयर सभा, सेवा संघ, पंजाबी सेवा सदन, सिरायकी परिवार, वरिष्ठ नागरिक समिति, सिद्धपीठ शिव वाटिका, प्रताप कल्याण भूमि, पंजाबी विकास सभा, गीता भवन, श्रीराम कुटिया के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर इंद्रजीत सरदाना, प्रदर्शन परुथी, सतीश राजपाल, कृष्ण नारंग, सुभाष नारंग, लक्षित आहूजा, संजीव थरेजा, पवन कुमार भारती, संजीव कालरा, महेश धमीजा, बिशम्भर अरोड़ा, कृष्ण लाल, अरविंद चावला, हरीश तागरा, पुनीत मल्होत्रा, संदीप मलिक, अशौक आर्य, मनोज कुर्रा, यश तनेजा, नरेश कालरा, कमल परुथी, चन्द्र शेखर नरूला मौजूद रहे।