संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूंडरी कस्बे में स्थित कोच कर्मवीर गोलन की वॉलीबॉल खेल अकादमी इन दिनों खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अकादमी में वर्तमान समय में 100 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से कई खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं।
यह अकादमी पिछले कई वर्षों से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान कर रही है। यहां खिलाड़ियों को सुबह और शाम दो सत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें फिटनेस, तकनीक, रणनीति और टीम वर्क पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमके खिलाड़ी : राष्ट्रीय स्कूली वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों में पूंडरी निवासी विनीत कश्यप और रमन कुमार शामिल हैं। दोनों खिलाड़ी लंबे समय से नियमित अभ्यास कर रहे हैं और इससे पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं।
खेल सेंटर पर हो रहा नियमित अभ्यास : कोच कर्मवीर गोलन ने बताया कि खिलाड़ी इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित वॉलीबॉल खेल केंद्र में अभ्यास कर रहे हैं। वर्तमान में अकादमी से जुड़े 100 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिनमें करीब 60 लड़कियां भी शामिल हैं। खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक मजबूती पर भी विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है।
कोच कर्मवीर गोलन ने बताया कि करनाल निवासी खिलाड़ी रमन कुमार को हाल ही में खेल कोटे के तहत रेलवे में नौकरी भी मिली है। रमन पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार अभ्यास कर रहा है और उसने राज्य व राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए हैं।
अकादमी से जुड़े कई खिलाड़ी स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं। कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैत्री टूर्नामेंट और यूथ चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जिससे अकादमी और जिले का नाम रोशन हुआ है।
प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन
विनीत कश्यप भी इससे पहले राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीत चुका है। दोनों खिलाड़ियों ने स्कूल स्तर से लेकर उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं तक निरंतर बेहतर प्रदर्शन किया है। कोच का कहना है कि इन खिलाड़ियों में भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की पूरी क्षमता है। कोच कर्मवीर गोलन ने बताया कि प्रत्येक खिलाड़ी के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाता है। स्पीड, जंप, सर्विस, ब्लॉकिंग और तकनीकी सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कमजोर पहलुओं की पहचान कर उनके लिए अलग से प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाते हैं।
पुंडरी की यह वॉलीबॉल अकादमी न केवल कैथल जिले के लिए गर्व का विषय बन चुकी है, बल्कि यह भी साबित कर रही है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से छोटे कस्बों से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। - कर्मवीर गोलन, वॉलीबॉल कोच