कैथल। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि जिले में पल्स पोलियो अभियान 12 से 14 अक्तूबर तक चलेगा। अभियान के पहले दिन रविवार को जिला के सभी गांवों और शहर के सभी वार्डों में प्रमुख स्थानों स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों पर कुल 604 पोलियो बूथ बनाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, अति संवेदनशील क्षेत्रों जैसे झुग्गी-झोपड़ी, भट्टे और निर्माणाधीन भवनों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 48 मोबाइल टीमें और बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर पोलियो रोधी दवा पिलाने के लिए 30 टीमें लगाई गई हैं।
जिले में शून्य से 5 वर्ष तक के लगभग 1,02,000 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक दी जाएगी। इसके लिए 2,400 वर्कर और 112 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीमें 13 और 14 अक्तूबर को घर-घर जाकर छुट गए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी।
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि भारत ने पोलियो पर नियंत्रण पा लिया है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया था। फिर भी, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से पोलियो वायरस आने का खतरा बना हुआ है। इसलिए हरियाणा के 8 जिलों में इस बार का पोलियो राउंड चलाया जा रहा है, जिसमें कैथल भी शामिल है। उन्होंने अपील की है कि 12 अक्तूबर को जन्म से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो रोधी खुराक अवश्य पिलाएं। यदि किसी बच्चे ने पहले भी पोलियो की खुराक ली है या बच्चा बीमार है, तो भी उन्हें खुराक अवश्य दें, ताकि वे स्वस्थ रहें। संवाद