संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जनस्वास्थ्य विभाग जल्द ही कैथल जिले के धनौरी गांव में भाखड़ा नहर से नहरी पानी पहुंचाने जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से 35 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से 15 हजार से अधिक की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
करीब दो साल पहले ही धनौरी गांव को जींद से अलग कर कैथल जिले में शामिल किया गया था। अब यहां की पेयजल समस्या को स्थायी समाधान देने के लिए यह कदम उठाया गया है। परियोजना के तहत पंजाब बॉर्डर पर बसे दाता सिंह वाला गांव के समीप से गुजर रही भाखड़ा नहर से पानी उठाया जाएगा। वहां से करीब आठ किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर इसे सीधे धनौरी गांव तक लाया जाएगा।
दो साल में पूरी होगी योजना ः जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। पाइपलाइन बिछाने का काम निविदा जारी होने के बाद शुरू होगा। इसके पूरा होने पर धनौरी गांव सहित आसपास के हजारों लोगों को स्वच्छ नहरी जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
ट्यूबवेल पानी से अब तक काम चला रहे ग्रामीण ः फिलहाल धनौरी गांव में केवल ट्यूबवेल के जरिए ही पानी की सप्लाई हो रही है। गर्मियों में जलस्तर गिरने और उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने से पानी की किल्लत अक्सर खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि नहरी पानी मिलने से न सिर्फ पीने के पानी की दिक्कत दूर होगी, बल्कि ट्यूबवेलों पर दबाव भी घटेगा।
प्रदेश सरकार ने धनौरी गांव को भाखड़ा नहर से पानी उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इसके लिए विभाग ने 35 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। अब जैसे ही आला अधिकारियों से निर्देश मिलते हैं, निविदा जारी कर दी जाएगी और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। -गोपाल वेद, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग