संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ट्रैक्टर ट्रॉलियों के संचालन के विरोध सोमवार को ट्रक संचालक उतरे। ट्रक संचालकों ने ट्रैक्टर व ट्रॉलियों के संचालन व्यवस्था पर सवाल उठाए। ट्रक संचालकों का कहना था कि यदि ट्रैक्टर व ट्रॉलियों को चलाया तो वे ट्रकों को खड़ा करने के लिए मजबूर होंगे।
ट्रक संचालकों ने कहा कि इस बार सरकार ने जीपीएस व्यवस्था को लागू किया है। इसके तहत उन्हाेंने अपने सभी ट्रकों में जीपीएस भी लगवा लिए हैं। यदि ट्रैक्टर व ट्रॉलियों का संचालन हुआ तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे। संयुक्त मोर्चा ट्रांसपोर्ट यूनियन प्रधान देवराज ने कहा कि ट्रैक्टर ट्राली बंद है। कुछ ट्रैक्टर ट्राली संचालक विधायक से मिले तो इसे शुरू करवा दिया गया।
अब ट्रक संचालकों ने सरकार के आदेशों के तहत जीपीएस लगवा दिए। यदि ट्रैक्टर ट्राली को चलाना था तो ट्रकों पर जीपीएस नहीं लगवाना चाहिए। उनके पास तीन हजार ट्रक थे। ट्रैक्टर ट्राली चलती है तो तीन हजार ट्रक खड़े कर देंगे। ट्रैक्टर ट्राली से ही उठान करवाया जाए। ट्रक का 70 हजार से अधिक रुपयों का बीमा होता है।
बिजेंद्र सिंह ने कहा कि ट्रक संचालकों ने 50 लाख रुपये से अधिक खर्च ट्रकों में जीपीएस व्यवस्था लागू करवाई है। यदि सरकार ने दोहरी नीति अपनाई तो वे अपना विरोध जारी रखेंगे। यदि मंडी में उठान में देरी हो रही है तो उसका कसूरवार संबंधित ठेकेदार है। इस ठेकेदार के खिलाफ की कार्रवाई की जानी चाहिए।