मांगों को लेकर आशा वर्करों ने निकाला रोष मार्च
लघु सचिवालय में की नारेबाजी , विधायक को सौंपा ज्ञापन
फोटो नंबर : 01 व 02
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आशा वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन ने मांगों को लेकर लघु सचिवालय से विधायक लीला राम के निवास तक रोष मार्च निकाला और विधायक को ज्ञापन सौंपा। रोष मार्च की अध्यक्षता जिला प्रधान सुषमा देवी ने की। प्रदर्शन से पहले धरना स्थल पर आशा वर्कर्स ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की सूचना मिलने पर विधायक लीला राम मौके पर पहुंचे और वर्करों को उनकी मांग सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
जिला प्रधान ने कहा कि वर्ष 2018 में हुए समझौते पर सरकार ने सभी वर्करों के साथ वादा खिलाफी की है। उन्होंने कहा कि 45 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करते हुए आशाओं को पक्का कर्मचारी बनाया जाए, न्यूनतम वेतन 24 हजार दिया जाए व सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए। एनएचएम को स्थायी बनाया जाए, एक्टिविटी का काटा गया 50 प्रतिशत तुरंत वापस लागू किया जाए, कोविड 19 में काम कर रही आशाओं को जोखिम भत्ते के तौर पर चार हजार रुपये दिए जाएं। गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटना के शिकार आशाओं को सरकार के पैनल अस्पताल में इलाज की सुविधा दी जाए, आशा वर्कर्स को हेल्थ वर्कर का दर्जा दिया जाए, 2018 के नोटिफिकेशन के सभी निर्णयों को तुरंत लागू किया जाए। विधायक लीला राम ने कहा कि आशा वर्करों की कुछ मजांग है। जिनको लेकर कल को सीएम से बात करेगें। सीएम का जो भी निर्णय होगा आशा वर्करों को बता दिया जाए।