ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन द्वारा केंद्र सरकार के किसान विरोधी तीन काले कानूनों को रद्द कराने, बिजली बिल 2020 वापस लेने तथा अन्य मांगों को लेकर बुधवार को पूंडरी अनाज मंडी में विरोध प्रदर्शन किया तथा धरना दिया। इन कानूनों की प्रतियां फाड़ी तथा उनकी होली जलाई। धरने की अगुवाई किसान नेता-जिला अध्यक्ष कामरेड बाबूराम व जिला कमेटी सदस्य राजेश ने की। किसान नेता-कामरेड बाबूराम ने कहा कि जब तक काले कानूनों को रद्द नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ब्लॉक कमेटी अध्यक्ष किसान नेता राजेश ने आरोप लगाया कि सरकार समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने की प्रणाली को ही समाप्त करना चाहती है जिसे हरगिज नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल मक्का व सूरजमुखी के दाम समर्थन मूल्य से आधे भी नहीं मिले। इनमें बड़े पूंजीपति घरानों को प्राइवेट मंडी खोलने और जमाखोरी करने की छूट दे दी है। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन करके 6 चीजों अनाज, दालें, तेल, तिलहन, आलू और प्याज की स्टॉक जमा करने की लिमिट खत्म कर दी है। इससे बड़ी पूंजी को फसल के टाइम पर किसानों से सस्ता खरीदने और गोदामों में जमा करने के बाद बाजार में बनावटी कमी पैदा करके उपभोक्ताओं अर्थात आमजन को कई गुना अधिक मूल्य पर बेचने की छूट मिल गई है। इन कानूनों से वे ज्यादा कंगाल व खस्ताहाल बना दिए जाएंगे। अनुबंध ठेका खेती का सरकारी फरमान बड़ा घातक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव कम होने पर कंपनियां फसलों में कमी निकाल कर खरीदने से इंकार कर देंगी। कंपनी का बाल भी बांका नहीं होगा। लाखों किसान कर्ज की चपेट में आ जाएंगे और जमीन से हाथ धो बैठेंगे। इस मौके पर सुरेश, बलवान, कर्म सिंह, राजेश, संदीप मौजूद रहे।