कांग्रेस ने कृषि संबंधी कानूनों के विरोध में सोमवार को लघु सचिवालय में धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश, सुदीप सुरजेवाला, पूंडरी से कांग्रेस प्रत्याशी सतबीर भाणा के नेतृत्व में सांकेतिक धरना दिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने कहा हरियाणा के दो परिवारों ने अपने बुजुर्गों की अनदेखी की है। सर छोटू राम के नाती बीरेंद्र सिंह और देवी लाल के परिवार से जुड़े दुष्यंत चौटाला ने कृषि कानून का समर्थन करके किसान विरोधी काम किया है। कांग्रेस चाहती है कि सरकार इन कानूनों में यह सुनिश्चित करे कि एमएसपी भी कानून बन जाए। कोई भी निजी कंपनी किसानों के साथ अन्याय ना कर सके।
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अभी हाल ही में केंद्र की भाजपा सरकार ने तीन कृषि कानून लाए हैं, जो कि पूरी तरह से किसान, मजदूर और आढ़ती विरोधी हैं। इन कानूनों के जरिए सरकार के कुछ पसंदीदा पूंजीपतियों को लूट की खुली छूट होगी और किसान अपनी फसल बेचने के लिए इन पूंजीपतियों पर निर्भर होंगे। उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। किसान खेतीबाड़ी के लिए पूंजीपतियों से बंध जाएगा, जिससे किसानों का वजूद समाप्त हो जाएगा। वहीं यह कानून हमारे आढ़ती भाइयों के लिए भी साजिश भरे हैं। सरकार द्वारा बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए मंडी व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और आढ़ती विरोधी यह तीनों कृषि विधेयक तुरंत पुनर्विचार के लिए वापस भेजे जाएं।
इस अवसर पर हरियाणा किसान कांग्रेस के अध्यक्ष धर्मवीर कौलेखां, बिल्लू चंदाना,मदन सांपली खेड़ी, गुरदेव ढूंढ़वा, रोशन पाड़ला, रणबीर सरपंच, मोहन शर्मा क्योड़क, बृजपाल राणा, जोरा सिंह सिनंद, बलवान कुराड़, जयपाल शर्मा, गुरदेव खुराना, युवा जिलाध्यक्ष प्रवीण नैन, बालकू राम, राकेश खानपुर, सतपाल शर्मा, राजेंद्र तंवर, डॉ. सोमप्रकाश, बख्खा मालखेड़ी, धनपत शर्मा, चंद्रमणि शर्मा, राजपाल नौच, जरनैल मालखेड़ी, बलिंद्र शर्मा, दर्शन शर्मा, नाथाराम मलिक, श्याम सैनी, रोशन कुलतारण, रामदिया पुनिया, महेश गोगिया, रामनिवास दिल्लोंवाली, बिल्लू सैणी, अनिल गुर्जर, सतीश चहल, रघुबीर शर्मा, रोहित रूहल, सुमित शर्मा, गंगाबिशन, जोगिंद्र फतेहपुर, श्यामसुंदर सरपंच कौल, काला कठवाड, नाजर सिंह, व जिला मीडिया प्रभारी राजेन्द्र शर्मा बलवंती मौजूद रहे।