कैथल। हड़ताल के दौरान मंडी के बाहर सीधे रूप से किसान से धान खरीद करने के मामले में नई और पुरानी अनाज मंडी के आढ़तियों, मुनीमों, मजदूरों की एक बैठक मंडी स्थित मंदिर में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला कैथल मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला तथा नई मंडी प्रधान कृष्ण मितल ने की।
प्रधान कृष्ण मितल ने कहा कि मंडी के कुछ आढ़ती मंडी में चार दिनों से चली आ रही हड़ताल को खोलने के पक्ष में है। कुछ किसान अपनी धान की फसल को निकटवर्ती पंजाब की अनाज मंडियों में ले जा रहे हैं, जिससे उनको नुकसान हो रहा है। जिस पर बैठक में स्थित आढ़तियों ने एक स्वर में कहा कि अब तो एक आध किसान का अनाज ही बाहर जा रहा, यदि सरकार के नियमों के तहत चला गया तो मंडी में एक भी दाना नही आएगा। इसीलिए हड़ताल को किसी भी कीमत पर न खोला जाये। हड़ताल प्रदेश की अन्य मंडियों के साथ ही समाप्त होगी। उसके बाद जिला मंडी प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने बैठक में बताया कि उनको पता चला कि एक राइस मिल मालिक द्वारा किसान से मंडी के बाहर सीधे रूप से धान खरीद किया गया, जो गलत है। यदि आज इस समय के बाद कोई भी राइस मिल मालिक या परचेजर किसान से सीधा धान खरीद करता है तो उसका बहिष्कार किया जाएगा और सीजन में उसको अनाज मंडी में घुसने नही दिया जाएगा। इस अवसर पर पुरानी अनाज मंडी प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया, देवेंद्र सिंगला, श्याम लाल नोच, जय किशन मान, पवन बंसल, धर्मपाल कटवाड़, शीशपाल पाई, सत नारायण शर्मा आदि सहित सैकड़ों आढ़ती, मुनीम तथा मजदूर प्रधान उपस्थित थे।