कैथल। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा की जिला कमेटी के आह्वान पर सिविल सर्जन कार्यालय के सामने जिला स्तरीय धरना दिया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान जोगेंद्र सिंह व मंच संचालन जिला सचिव सुनील मलिक ने किया। धरने में कर्मचारियों ने उनके अनुबंध में अवधि को घटाने का विरोध किया।
जिला प्रधान जोगेंद्र मुख्य मांगे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के तहत कार्यरत कर्मचारियों को छह माह के बजाए दो या तीन महीने का अनुबंध करके प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसका विरोध करते हुए छह माह का अनुबंध करवाना है। दूसरी मांग गत दो माह से फील्ड में कार्यरत अनेक एएनएम के तबादलों को रद्द किया जाए। इनके अलावा सिविल सर्जन व उप सिविल सर्जन की तानाशाही का विरोध करना भी इस धरने का उद्देश्य है। धरने को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता सुरेश उचाना व सुनील मलिक ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन में कार्यरत फार्मासिस्ट, नर्स, आईए, एएनएम का सरकार द्वारा 6 माह का कांटेक्ट की अनुमति दी थी। लेकिन जिला स्तर पर अधिकारियों ने केवल 2 माह की अनुमति दी। इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत की।
उनकी मांग है कि अनुबंध को छह माह की बजाए एक वर्ष के लिए ही लागू किया जाए। साथ ही प्रशासन को चेताया कि सभी मांगो को फौरन निपटाया जाए अन्यथा यह धरना अनिश्चितकाल तक चलेगा। धरने को सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव जरनैल सिंह, आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन हरियाणा की महासचिव शकुंतला, उपाध्यक्ष सुमित गिल, ईशवंती देवी, राममेहर कौशिक सहित अनेक नेताओं ने भी संबोधित करते हुए सभी मांगो का समर्थन किया। बाद में सीएमओ के साथ बातचीत में कई मांगों पर सहमति होने पर धरना वापिस ले लिया गया।