बीडीपीओ सुरेंद्र शर्मा की उपस्थिति में ब्लाक समिति सदस्यों की बैठक बीडीपीओ कार्यालय में हुई। बैठक में ब्लाक समिति सदस्य व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच ग्रांट व समिति प्रधान के कमरे के निर्माण की राशि को लेकर तीखी बहस हुई। बैठक में ब्लाक समिति सदस्यों को विकास कार्यों के लिए कम ग्रांट दिए जाने पर विपक्ष के कुछ समिति के सदस्यों ने रोष प्रकट किया तथा बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर आ गए।
ग्रांट से नाखुश ब्लाक समिति सदस्यों मीना देवी, दर्शना, फरमिला, पूनम बाला बात्ता, सुमन बड़सीकरी व सुमन कैलरम, प्रदीप हरिपुरा, रोहताश बात्ता, सुरेंद्र बड़सीकरी कला ने बताया कि गांव में विकास के लिए करीब 9 लाख 70 हजार रुपये की राशि आई हुई है जो सभी समिति सदस्यों में वितरित की जानी है। उन्होंने बताया कि 22 समिति सदस्यों को मात्र 22-22 हजार रुपये विकास कार्यों के लिए वितरित करने का प्रस्ताव दिया गया जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। ब्लाक समिति सदस्यों ने कहा कि कई समिति सदस्यों के पास तो 2 से 3 गांव भी हैं जिनमें विकास कार्य करवाए जाने हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें बैठक करने के लिए किसी मीटिंग हाल और अन्य कमरों की कोई जरूरत नहीं बल्कि पेड़ के नीचे भी बैठकर मीटिंग कर सकते हैं लेकिन गांव के विकास कार्यों के आए हुए रुपये इस प्रकार से बर्बाद नहीं होने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कमरा निर्माण में भ्रष्टाचार की बू आ रही है तथा पूरे मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री तथा प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल शर्मा के संज्ञान में लाया जाएगा।
बहुमत के आधार पर करवाया जाएगा भवन निर्माण: बीडीपीओ
बीडीपीओ सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि ब्लाक समिति अध्यक्ष के कमरा निर्माण का कार्य उनके आने से पहले ही शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि जल्द ही ब्लाक समिति सदस्यों की दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। जिसमें बहुमत के आधार पर निर्माण कार्य करवाया जाएगा। गांव के विकास कार्यों में कम ग्रांट दिए जाने के ब्लाक समिति सदस्यों के विरोध के बारे में उन्होंने कहा कि राशि कम होने के कारण सभी सदस्यों में समान रूप से वितरित की गई। लेकिन कुछ समिति सदस्यों ने ग्रांट लेने से मना कर दिया।
बैठने के लिए आफिस जरूरी है : अध्यक्ष
ब्लाक समिति अध्यक्ष परमवीर रामगढ़ ने कहा कि ब्लाक समिति के सदस्यों के बैठने के लिए आफिस व मीटिंग हाल जरूरी है। विकास के लिए ग्रांट कम जरूर आई है लेकिन सभी गांव में समान रूप से विकास कार्य करवाए जाएंगे। सरकार से अधिक से अधिक ग्रांट की मांग की जाएगी। विपक्ष के कुछ समिति सदस्य विकास कार्यों में बाधा पहुंचाना चाहते हैं।