संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। डीसी रेट पर कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) में जबरन भेजने के विरोध में बिजली विभाग के कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने विभागीय कार्यालय प्रांगण में दो घंटे तक रोष प्रदर्शन कर सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सब यूनिट कलायत के प्रधान नरेंद्र लाइनमैन ने कहा कि डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों को जबरन हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) में भेजना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 18 वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों पर एचकेआरएन पोर्टल पर स्थानांतरण का दबाव बनाया जा रहा है। जेई सत्यवान और सुमित ने कहा कि वर्तमान में डीसी रेट कर्मचारी निगम के सीधे रोल पर कार्यरत हैं, लेकिन प्रशासन अस्थायी आईडी बनाने के नाम पर उन्हें एचकेआरएन में भेजना चाहता है। उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कर्मचारियों को लाभ न देना पड़े। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन और भत्ते देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद सरकार और निगम प्रशासन जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने हरियाणा सरकार और एसीएस पावर, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) को चेतावनी दी कि यदि डीसी रेट कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगा।
प्रदर्शन के दौरान नरेंद्र कुमार, विक्रम शर्मा, सत्यवान, सुमित, महावीर सिंह, जयपाल, अनिल, कमल, रवींद्र शर्मा, ज्योति और प्रदीप नेहरा आदि उपस्थित रहे।
कर्मचारियों की समस्याओं पर उठी आवाज
राजौंद। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन द्वारा सुबह 9 बजे से 11 बजे तक दो घंटे की गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। यह गेट मीटिंग यूनियन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें बिजली निगम के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कर्मचारियों ने विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। वक्ताओं ने नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों और सेवा सुरक्षा जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा। संवाद