संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की कई महिलाएं अपनी मेहनत और संघर्ष से समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी आरकेएसडी (पीजी) कॉलेज कैथल में अंग्रेजी विभाग की सहायक प्रोफेसर ऋचा लांग्यान की है, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपनी अलग पहचान बनाई है।
ऋचा लांग्यान का सफर आसान नहीं रहा। जब उन्होंने 11वीं कक्षा में आर्ट्स विषय चुना तो कई लोगों ने उन्हें ताने दिए। समाज के कुछ लोगों ने कहा कि आर्ट्स पढ़कर क्या करोगी, इसमें कोई भविष्य नहीं है। इन बातों ने उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश की, लेकिन ऋचा ने हार नहीं मानी। इस कठिन समय में उनकी मां ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मां के प्रोत्साहन पर ऋचा ने यूजीसी-नेट परीक्षा की तैयारी की और अपनी मेहनत व आत्मविश्वास के दम पर पहले ही प्रयास में यह परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्हें आरकेएसडी कॉलेज कैथल में अंग्रेजी की सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति मिली। मूल रूप से कुरुक्षेत्र की रहने वाली ऋचा वर्ष 2013 से यहां अपनी सेवाएं दे रही हैं और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उपलब्धियां
n स्नातक के दौरान उनकी लिखी कहानी परंपरा को हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला की ओर से सम्मानित किया गया।
n दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और 15 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में उनके शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
n कोरोना काल के दौरान उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी भाषा में करीब 60 कविताएं लिखीं।
n उन्होंने 25 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं।
n कॉलेज में विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी वह सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं और कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं व कार्यक्रमों के आयोजन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है।
n वर्ष 2018 में उन्हें हरियाणा रेड क्रॉस समिति की ओर से हरियाणा स्टेट बेस्ट काउंसलर अवार्ड प्रदान किया गया।
n वर्ष 2021 में उन्हें बेस्ट प्रोफेसर ऑफ द ईयर (ग्लोबल टीचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड) से भी सम्मानित किया गया।