संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के नए कुलपति के रूप में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कार्यभार संभाल लिया है। पूर्व कुलपति प्रो. रमेश भारद्वाज का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से यह पद अभी तक रिक्त था।
हरियाणा राजभवन की ओर से पांच अप्रैल 2025 को जारी अधिसूचना अनुसार प्रो. राजबीर सिंह को महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में नियुक्त किया गया है।
सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय गोयल, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. सत्य प्रकाश दुबे, परीक्षा नियंत्रक प्रो. भाग सिंह बोदला, संकाय अधिष्ठाता डॉ. जगत नारायण सहित विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों की उपस्थिति में प्रो. राजबीर सिंह ने औपचारिक रूप से विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार ग्रहण किया।
प्रो. राजबीर सिंह का शैक्षिक और प्रशासनिक क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव रहा है। वे वर्तमान में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता तथा अनुभव ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान दिलाई है।
प्रो. राजबीर सिंह अनुसंधान एवं शिक्षा में नवाचार के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में निश्चित ही महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय को नई दिशा प्राप्त होगी। प्रो. राजबीर सिंह के कुलपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सदस्यों में उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर प्रो. सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलपति बनना मेरे लिए गर्व की बात है। इस विश्वविद्यालय की समृद्ध परंपरा और संस्कृत शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान करने का अवसर पाकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम सभी मिलकर विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कार्य करेंगे।