संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अनाज मंडियों में गेहूं की आवक के चार दिन बाद सरकारी खरीद शुरू हुई। खरीद शुरू होने के बाद मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच किसानों को राहत मिली। वीरवार को सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू होने के 11 दिन बाद हैफेड ने सरकारी खरीद शुरू की है।
गौरतलब है कि शहर की दोनों मंडियों में में किसानों की गेहूं की फसल पिछले कई दिनों से मंडी में आ रही है, लेकिन उसमें नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद का कार्य शुरू नहीं हो पाया था। इस दौरान मंडियों में पहुंच रही गेहूं की फसल में 15 प्रतिशत तक की नमी आ रही थी। जबकि सरकार के नियमों के तहत 12 प्रतिशत नमी होने पर गेहूं की खरीद की जा सकती है।
वीरवार को खरीद एजेंसी हैफेड ने मंडी में गेहूं की फसल में नमी की मात्रा को चेक किया और कई ढेरियों में नमी की मात्रा सही पाई गई। इसके बाद हैफेड ने मंडी में पहुंची गेहूं की फसल को खरीदा। इस दौरान हैफेड ने दोनों मंडियों में 1600 एमटी गेहूं की सरकारी खरीद की। इस अवसर पर मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम, मंडी प्रधान रामकुमार गर्ग, पूर्व प्रधान कृष्ण मित्तल, चेयरमैन राजीव लाटका, पूर्व चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़, आढ़ती ईश्वर जैन, विजय कुमार उपस्थित रहे।
खरीद शुरू होने पर किसानों को मिली राहत
पाई। अनाज मंडी में किसानों की गेहूं की फसल की आवक बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद 11वें दिन भी मंडी में खरीद एजेंसियों ने खरीद का कार्य शुरू नहीं किया।
किसान बलवान, करतारा, नरेंद्र, राम चंऊ आदि ने बताया कि अधिकारी कार्यालय में बैठे हुए गेहूं की फसल में अधिक नमी की मात्रा बता रहे हैं, लेकिन मंडी में आकर कोई चैक नहीं करता। किसानों ने बताया कि वे की दिनों से मंडी में अपनी फसल सुखा रहे हैं। उधर, कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह पेशियां ने बताया कि वे हर रोज नमी की मात्रा की जांच करवा रहे हैं। नमी अधिक आ रही। एक दो दिन में खरीद शुरू हो जाएंगी। संवाद