ढांड। गांव कौल के कुल्तारण तीर्थ के तट पर नगर खेड़ा के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शोभायात्रा निकाली गई और दादा खेड़ा की भूमि पूजन किया गया। यह कार्यक्रम गांव के चारों नंबरदारों की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा। नंबरदार सुल्तान सगवाल ने बताया कि भारतीय संस्कृति के अनुसार पौराणिक परंपरा रही है कि जहां भी कोई गांव और शहर बसाया जाता या बसता है तो सबसे पहले भूमि पूजन कर दादा खेड़ा का मंदिर बनाया जाता है। इस मंदिर में नगर पवित्र खेड़ा मंदिर को ग्राम देवता के रूप में प्रतिष्ठित किया जाता है। जब भी गांव या नगर में जब शुभ कार्य होता है तो पहले नगर दादा खेड़ा की पूजा की जाती है ताकि गांव में सुख-समृद्धि शांति बनी रहे। मान्यता है कि नगर खेड़ा की इजाजत के बिना कोई दैवीय शक्ति या बाहरी शक्ति गांव में प्रवेश नहीं कर सकती। यदि गांव में किसी प्रकार की विपत्ति या पशुओं पर बीमारी आए तो दादा खेड़ा मंदिर में पूजा हवन और भंडारा लगाकर ग्राम देवता को प्रसन्न किया जाता है। नंबरदार जसमेर व नंबरदार सतीश कुमार ने बताया कि इस समारोह के उपलक्ष्य में 16 फरवरी को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।