संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। एक तरफ तो इंद्र देव की नाराजगी और दूसरी आेर बिजली निगम की ढुलमुल चाल किसानों की गले की फांस बनकर रह गई है। मानसून को आए कई दिन बीत चुके हैं लेकिन प्रदेश के अधिकतर जिलों में अभी तक औसत बारिश भी नहीं हुई है। नतीजा धान की अच्छी फसल की चाह रखने वाले किसान परेशान हो रहे हैं।
उनका कहना है कि बारिश के न होने से धान की फसल पर विपरित असर पड़ने लगा है। धान की फसल पकाने के लिए ट्यूबवेलों का ही सहारा है लेकिन निगम किसानों को बिजली कनेक्शन देने में देरी कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) आईटी सेल प्रभारी जरनैल सिंह जैली ने बताया कि टयूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन लेने के लिए हजारों किसानों ने साल 2018 में लगभग सवा लाख रुपये प्रति कनेक्शन सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाया था लेकिन अभी तक वे नहीं मिल सके।
जैली ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने पहले तो गुहला-चीका क्षेत्र को डार्क जोन घोषित कर बिजली कनेक्शन जारी करने पर रोक लगाए रखी और अब जब यह रोक हटी तो निगम कनेक्शन लगाने में जानबूझकर देरी कर रहा है। जैली ने कहा कि कई किसानों के खंभे लग चुके है और तार खिंची जा चुकी है लेकिन उनके कनेक्शन चालू नहीं किए जा रहे जबकि अभी भी बहुत सारे किसान ऐसे है जिन्हें खंभे व तार भी नहीं मिली है। जैली ने कहा कि एक तो बरसात नहीं हो रही, दूसरा निगम बिजली के कनेक्शन लगाने में देरी कर रहा, इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
एक्सईएन को ज्ञापन सौंप जल्द कनेक्शन देने की मांग रखी ः मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता जरनैल सिंह जैली, डॉ. साहब सिंह संधू व होशियार सिंह राणा ने अन्य किसानों के साथ निगम गुहला के एक्सईएन गौरव लोहचब को ज्ञापन सौंपकर बकाया बिजली कनेक्शनों को जल्द से जल्द जारी करने की मांग रखी।
नाराज किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जल्द बिजली कनेक्शन जारी नहीं किए वे निगम व सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर होंगे।
कनेक्शनों के लिए 490 टेंडर हुए थे। अधिकतर किसानों को बिजली के कनेक्शन दे दिए गए है जो बाकी रह गए है उनकी भी प्रक्रिया जारी है। जल्द ही सभी किसानों को बिजली कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे। -गौरव लौहचब, एक्सईएन बिजली निगम, चीका।