संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। किसान आंदोलन के चलते बीते एक सप्ताह से इंटरनेट सेवाएं बंद है। इंटरनेट बंद होने के बाद युवाओं से इंटरनेट की लत नहीं छूट रही है। देर रात को भी युवा गलियों व चौराहों में बैठकर वाई फाई से जोड़कर स्मार्टफोन में सोशल मीडिया व ऑनलाइन गेम्स देखते हैं। ऐसा ही वाक्य अब कई गांवों में देखने को मिलता है। ऐसा दृश्य रविवार देर रात सीवन में भी देखने को मिला। एक गली में कई युवा देर रात को मोबाइल को इंटरनेट से जोड़कर ऑनलाइन गेम्स खेलते हुए दिखे। इंटरनेट के बिना युवाओं को समय बिताना बड़ा मुश्किल हो रहा है।
गौरतलब है कि आधुनिक युग में हमारी जीवन शैली में बड़ा परिवर्तन हो रहा है। सभी घरों में स्मार्ट फोन है। बच्चे पढ़ाई के साथ ही सोशल मीडिया और इंटरनेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं। इस कारण उन्हें इनकी लत सी लग गई है। वह अपनी इन्हीं आदतों के कारण सोशल मीडिया और इंटरनेट के आदी हो गए हैं।
इंटरनेट पर ज्यादा समय बिताने लगे हैं लोग
आजकल युवा और बच्चे टीवी पर कम और मोबाइल और इंटरनेट पर सबसे अधिक समय बिता रहे हैं। दिन हो या रात युवा 24 घंटे में से करीब दस घंटे तो फोन पर ही गुजारते हैं। फोन पर वीडियो देखते हैं, वीडियो बनाते हैं और ऑनलाइन गेम खेलते हैं। इससे बच्चों का भविष्य भी खतरे में है।
-विकास कुमार।
समाज और परिवार से भी दूर होते जा रहे लोग
बच्चे इंटरनेट के चक्कर में समाज और परिवार से भी लोग दूर होते जा रहे हैं। ऑनलाइन गेम्स खेलने से बच्चों की आदत खराब हो रही हैं। फेसबुक, वाट्सएप और इंस्टाग्राम आदि पर दोस्तों के संदेश को पढऩे के लिए युवा वर्ग हर दस-दस मिनट में अपने फोन को चेक करते रहते हैं।
-मोनिका देवी।
फायदा है तो नुकसान भी बहुत है इंटरनेट का
सुबह से लेकर शाम तक बच्चे इंटरनेट का अधिक समय तक उपयोग करते हैं। इंटरनेट का सही उपयोग किया जाए तो फायदा भी है और गलत उपयोग करे तो नुकसान भी है। जो बच्चे जानकारी व पढ़ने के लिए उपयोग करते हैं उनके लिए इंटरनेट बहुत ही उपयोगी है।
-अमरीक सिंह।