संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चाइनीज मांझा व सड़कों पर बेसहारा गोवंश की समस्या पर सोमवार को जीवन रक्षक दल के सदस्यों सहित अन्य शहरवासियों ने डीसी प्रशांत पंवार को खून से पत्र लिखा और इस समस्या के समाधान की मांग की।
गौरतलब है कि कैथल की सड़कों पर घूम रहे गोवंश के कारण आए दिन हादसे होते हैं और किसी न किसी राहगीर या वाहन चालक को चोट लगती है। खून से लिखे गए पत्र को डीसी प्रशांत पंवार ने लेने से मना कर दिया। इसके बाद पेन से पत्र लिखकर डीसी को दिया गया।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही कुरुक्षेत्र में भी एक बुजुर्ग महिला को गोवंश को पटक कर मारा था। इसके बाद बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। पिछले साल चाइनीज मांझा से भी कई लोग घायल हो चुके हैं।
इन दोनों समस्याओं के संबंध में ज्ञापन देने गए जीवन रक्षक दल के सदस्य व अन्य शहर वासियों ने बताया कि ज्ञापन लेने के तुरंत बाद डीसी प्रशांत पंवार ने इस मामले के संदर्भ में संबंधित अधिकारी से फोन पर बात की और एक अगस्त को बैठक बुलाकर समस्या का हल निकलने का आश्वासन दिया है। वहीं, डीसी से चाइनीज माझा पर रोक लगाने की भी मांग की। करीब चार दिन पहले ही अमर उजाला ने चाइनीज माझा के धड़ल्ले से बिक्री की आवाज को प्रमुखता से उठाया था। जीवन रक्षक दल के संरक्षक राजू डोहर ने बताया कि शहर की सड़कों पर खुलेआम घूम रहे गोवंश शहरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या है।
वहीं, चाइनीज माझा की बिक्री पर भी कोई रोक न लगाने से हादसे होते हैं। कई गोवंश काले रंग के होते हैं। रात के अंधेरे में बाइक सवार या गाड़ी चालक अक्सर नहीं देख नहीं पाते हैं। नतीजा, हादसे का वे शिकार बन जाते हैं। जुलाई के महीने तक 11 से 12 गोवंश मर चुके हैं और छह से सात वाहन भी क्षति ग्रस्त हो चुके है।
प्रशासन से अपील है कि बेसहारा गोवंश को जल्द से जल्द पकड़ कर गोशाला में छोड़ा जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सके। कहा कि यदि उनकी इस समस्या की ओर कोई ध्यान नही दिया तो 15 अगस्त के बाद सामाजिक संस्थाओं से मिलकर बड़ा रोष प्रदर्शन करेंगे।
इस समय करीब एक हजार गोवंश सड़कों पर हैं। इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में समाजसेवी सतपाल गुप्ता, कृष्ण कौशिक, प्रवीन शर्मा, राकेश कुमार, राजकुमार शर्मा आदि मौजूद थे।
गोवंश पकड़ने के लिए कर रहे चुके धरना-प्रदर्शन ः शहर में आवारा घूम रहे गोवंश पकड़ने के लिए शहर के सामाजिक लोगो ने 2021 में शहीद स्मारक पर धरना भी दिया था। इसके बाद एक बार नगर परिषद के बाहर भी शहरवासियों ने धरना दिया था | उस समय प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि एक माह में इस समस्या को दूर कर दिया जाएगा। गोवंश पकड़ने के लिए दो-तीन दिन अभियान भी चलाया लेकिन इसके बाद समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
जींद रोड पर शहर में दूसरी सरकारी गोशाला तैयार हो चुकी है। अगस्त माह में शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा। जल्द ही शहर में आवारा गोवंश की समस्या का हल हो जाएगा | - कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद, कैथल।
ये हैं ब्लैक स्पॉट
शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं जहां गोवंश बैठे हुए दिखाई देते हैं। रात के समय तो मच्छरों के चलते गोवंशी की संख्या सड़कों पर ज्यादा हो जाती है। इस कारण सफर करने में वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। शहर में ज्यादातर हादसे सर छोटू राम चौक से शुगर मिल तक और सिविल अस्पताल जींद रोड के आसपास होते हैं। करनाल रोड पर बाईपास के बाद स्ट्रीट लाइट खराब रहने के कारण रात में यहां अंधेरा रहता है। वहीं जींद रोड पर गोवंश मच्छरों से बचने के चक्कर में सड़क पर आ जाता है, जिससे हादसे हो रहे हैं।