एंबुलेंस पर 6 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने के विरोध में सोमवार को निजी एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर रहे। जिस कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार एंबुलेंस संचालकों द्वारा सरकार को अभी तक रोड टैक्स दिया जाता है। लेकिन अब एंबुलेंस पर 6 प्रतिशत सवारी टैक्स भी लगा दिया गया है। जबकि वे केवल मरीजों को लेकर जाते हैं। ऐसे में एंबुलेंस के लिए मरीजों का खर्च भी बढ़ जाएगा।
एंबुलेंस संचालक यूनियन के प्रधान पवन कुमार, जितेंद्र कुमार सहित अन्य ने बताया कि पूर्व में भी एक बार हड़ताल की गई थी। सरकार ने आश्वासन दिया था कि एंबुलेंस से यह टैक्स हटा लिया जाएगा। लेकिन इसे आज तक नहीं हटाया गया। उन्हें बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं। यदि यह टैक्स वसूला गया तो एंबुलेंस के लिए लोगों को ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। ऐसे में उनकी मांग है कि एंबुलेंस पर लगाए गए 6 प्रतिशत पसेंजर एंड गुड्स टैक्स को हटाया जाए। इसी मांग को लेकर हड़ताल की गई। कैथल शहर में 12 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं।
लोगों को इस हड़ताल के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाह अस्पताल से हृदय के रोगी मुलखराज को दोपहर 1 बजे चंडीगढ़ के लिए रेफर किया गया था। लेकिन उन्हें शाम को 4 बजे तक जब एंबुलेंस नहीं मिली तो उन्हें निजी वाहन में उन्हें लेकर जाना पड़ा। इसी प्रकार से मटौर निवासी सूबे सिंह को भी पटियाला रेफर किया गया था। परिजन उन्हें भी निजी गाड़ी में लेकर पटियाला लेकर गए।
सरकारी अस्पताल में नहीं दिखा असर
हड़ताल के कारण सरकारी अस्पताल में ज्यादा असर नहीं दिखा। यहां 14 में से 12 एंबुलेंस चालू हालत में हैं तथा सोमवार को सभी एंबुलेंस उपलब्ध रहीं।