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नोटबंदी जैसे फैसले के लिए 56 इंच से भी ज्यादा का सीना चाहिए ः बीरेंद्र सिंह

Sun, 11 Dec 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो कैथल
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बातीचीत करते बीरेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में नोटबंदी का फैसला लेने के लिए 56 इंच से भी ज्यादा चौड़ा सीने की जरूरत होती है। प्रधानमंत्री ने यह साहसिक फैसला कर देश के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इस फैसले से आने वाले समय में ऐसे परिणाम आएंगे, जिसके बारे में अभी कुछ लोग सोच भी नहीं पा रहे हैं। यह बातें उन्होंने रविवार रात कोयल कॉम्प्लेक्स में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
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उन्होंने कहा कि देश में एक समानांतर अर्थव्यवस्था की बातें सुनीं जाती थी। फर्जी करेंसी सहित काले धन के कारण आतंकवाद, भ्रष्टाचार लगातार बढ़ते जा रहे थे। यह सही है कि देश में कुछ परेशानी हो रही है। जितनी करेंसी बैंकों में जमा हुई है, उतनी अभी मार्केट में नहीं आई है। लेकिन यह परेशानी कुछ समय की है। सभी कहते हैं परेशानी है, लेकिन यह कोई नहीं कहता कि फैसला गलत है।

इस फैसले से काला धन जमा करने वाले अधिकारियों, नेताओं व काला धन रखने वाले व्यापारियों को नुकसान हुआ है। लेकिन एक नंबर में अपना काम करने वाले लोगों को इससे लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि उनका खुद का मानना है कि बैंकों से निर्यात के लिए जो ऋण 14 प्रतिशत ब्याज पर मिल रहा है, वह कम होकर 6 से 7 प्रतिशत पर आ जाएगा। इससेे देश का निर्यात बढ़ेगा और विदेशी करेंसी जमा होगी।
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गांव में नोटबंदी का ज्यादा असर नहीं है। वहां आज भी वस्तु विनियम से काम चल जाता है। हां विवाह-समारोह में जरूर परेशानियां आई हैं। लेकिन पूरे देश की अर्थव्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था, उस समय भी विरोध हुआ था। लेकिन बाद में उस फैसले के परिणाम आए। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष धर्मपाल शर्मा, उमेश शर्मा, कुशलपाल सिंह, सुरेंद्र ढुल आदि मौजूद थे।
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