पर्यावरण विभाग के मुख्य प्रधान सचिव श्रीकांत वल्गद ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन सहित वे किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर हैं। किसानों की मांग पर सरकार ने नमी में 17 से लेकर 22 प्रतिशत तक छूट का निर्णय लिया है। जिसका किसानों को लाभ मिल रहा है। यदि किसी किसान को कम कीमत मिल रही है। खरीद नहीं हो रही। वह मार्केटिंग बोर्ड में हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत कर सकता है। इसके अलावा अधिकारियों को भी शिकायत दे सकता है। सरकार उनकी फसल का दाना-दाना खरीदने को प्रतिबद्ध है। किसान भी अपनी फसल को सूखाकर मंडी में लाएं। ताकि उसे उचित दाम मिल सके।
कोयल कॉम्पलेक्स में अधिकारियों, मिलर्स व ट्रेक्टर-ट्रॉली मालिकों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में वाल्गद ने कहा कि पिछले सीजन में अब तक की अवधि में 2 लाख 46 हजार क्विंटल के लगभग धान की सरकारी खरीद हुई थी। इस बार यह 3 लाख 66 हजार क्विंटल तक पहुंच गई है। इस बार एरिया में वृद्धि के साथ-साथ उत्पादन भी बढ़ा है। जिस कारण करीब 1 लाख क्विंटल से ज्यादा धान की खरीद पिछले साल के मुकाबले हुई है। मंडियों से उठान, ट्रांसपोर्टेशन, मंडियों में धान डालने के लिए जगह बनाने जैसी समस्याओं से प्रशासन पूरी तरह से वाकिफ है। काम प्रभावित ना हो, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। यदि कोई अधिकारी धान की खरीद, उठान या फिर अन्य किसी कार्य के लिए पैसे की मांग करता है तो जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एडीसी शक्ति सिंह ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए अनाज मंडी से धान का उठान व खरीद सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर उनके साथ सीटीएम वीरेंद्र सिंह सांगवान, एसडीएम मनदीप कौर, डीएफएससी मोनकिा मलिक सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
अधिकारियों की टीम के साथ किया अनाज मंडी का दौरा
मुख्य सचिव श्रीकांत वाल्गद ने कलायत मंडी का औचक निरीक्षण कर धान खरीद का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीधे ही किसानों द्वारा लाई गई धान की ढेरियों पर पहुंच कर खरीद कार्य का जायजा लिया व धान में नमी की मात्रा भी परखी। जो धान बिकने के पश्चात तोली जा चुकी थी उसका वजन भी किया गया जो कि पूरी तरह सही पाया गया। मुख्य सचिव ने किसानों से सरकार द्वारा निर्धारित भाव में फसल बिकने के बारे में पूछा तो किसानों ने कहा कि जिस धान में 17 प्रतिशत नमी है वह 1, 510 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। किसानों ने अधिकारी को बताया कि यहां सरकारी खरीद एजेंसियां अपनी मनमानी कर रही है जिसके चलते 17 प्रतिशत से ऊपर नमी वाली धान को खरीदने में एजेंसियों द्वारा आनाकानी की जा रही है। मुख्य सचिव के साथ अतिरिक्त उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह, डीएफएससी मोनिका मलिक, मार्केट कमेटी सचिव के अलावा मंडी आढ़त एसोसिएशन प्रधान रणधीर सिंह चहल, पूर्व मंडी प्रधान पारस मित्तल, जयदीप राणा, जयप्रकाश मित्तल, धर्मवीर गोयल, मांगे राम जैन, बृजभूषण, शमशेर सिंह खरक, अशोक बंसल, जोगध्यान, सुरेश शर्मा सहित दर्जनों किसान व व्यापारी मौजूद रहे।
किसानों ने बाजरे की सरकारी नीति पर जताया रोष
किसानों ने मुख्य सचिव को कहा कि सरकारी खरीद होने के पश्चात भी यहां बाजरे की खरीद नहीं हो रही। सरकार द्वारा बाजरा खरीद में जो शर्तें लगाई है वे सही नहीं है जिसके चलते पहले जहां किसान को पटवारी के चक्कर लगाने पड़ेंगे वहीं उसके पश्चात भी आधी ही फसल खरीद एजेंसी द्वारा खरीदी जाएगी। किसानों की बात सुनने के पश्चात मुख्य सचिव ने कहा कि यदि सरकार द्वारा पटवारी से फर्द लाने वाली शर्त न लगाई जाए तो प्रदेश के दूसरे स्थानों से ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों का बाजरा भी हरियाणा में आकर बिकने लग जाएगा।
‘भाजपा सरकार में लुट रहा है प्रदेश का किसान’
आम आदमी पार्टी के हलका अध्यक्ष गुरमीत सिंह कंबोज ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आज अनाज मंडी चीका का दौरा कर किसानों को आ रही समस्याओं को गंभीरता से सुना। किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद गुरमीत सिंह ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी, आम आदमी का हाल जानने उनके पास आई है। किसान को आम आदमी बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की अनदेखी के चलते प्रदेश की किसान उजड़ने की कगार पर पहुंच गया है। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने सीजन की तैयारियों को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बनाई। उन्होंने कहा कि दोनों मंडियों का दौरा करने पर किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी के अनेक सबूत उनके सामने आए हैं। इस मौके पर जगजीत सिंह, सोनू कंबोज, धर्मपाल सीड़ा, श्रीपाल शर्मा, अशोक आनंद, करतार कंबोज, सुरजीत सिंह, जयराम भी मौजूद रहे।