हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के राज्य प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वे अपने राजनैतिक फैसले सिख संगत पर थोपना बंद करें। अब सिख समुदाय के लोग बादल के चंगुल से निकलकर स्वतंत्र जीवन जीने का प्रयास कर रहे हैं। झिंडा यहां छठी व नौवीं पातशाही गुरुद्वारा साहिब चीका में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की राज्य स्तरीय बैठक को सम्बोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर पर आरोप लगाया कि कमेटी 1200 करोड़ रुपये सालाना बजट के बावजूद प्रदेश के गुरुद्वारों का सौंदर्यीकरण नहीं कर पाई जबकि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मात्र 1 करोड़ रुपये के बजट से प्रदेश के गुरुद्वारों का कायाकल्प कर दिया है।
उन्होंने कहा कि शाहबाद में मीरी पीरी कॉलेज के लिए अभी तक कमेटी ने एनओसी तक जारी नहीं की। जिससे उनकी नीयत में खोट दिखाई दे रहा है क्योंकि कमेटी चाहती ही नहीं कि हरियाणा में मीरी पीरी कॉलेज बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मीरी पीरी कालेज परिसर में खड़े हजारों वृक्षों को भी शिरोमणि कमेटी ने बेच डाला है जो कि लाखों रुपये का बहुत बड़ा घोटाला है। जिसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
झिंडा ने कहा कि पूरे भारतवर्ष में सर्व प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने पर सिखों में जोरदार प्रयास चल रहा है जिसके चलते शिरोमणि कमेटी एक संसद की तरह व अन्य राज्य स्तरीय कमेटियां विधानसभा के तौर पर काम करेंगी और देश के सभी राज्यों में सर्व प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारों के चुनाव लड़ेगी। बैठक में जोगा सिंह, स्वर्ण सिंह, अवतार सिंह चक्कू, बलवंत सिंह फौजी, जसबीर खालसा मेजर सिंह व ज्ञान सिंह सहित हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के सभी 41 सदस्यों ने भाग लिया।
हो रही है अदालत की अवमानना :- झिंडा ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी अमृतसर की ओर से लगातार अदालत की अवमानना की कोशिशें हो रही हैं।
शिरोमणि कमेटी ने रतिया में 112 दुकानों को लीज पर देने व बेचने का गैर कानूनी प्रयास किया। जिसे समय रहते हुए हरियाणा कमेटी ने रोका और लोगों से लिए गए करीब 2 करोड़ रुपये वापस करवाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि हरियाणा के गुरुद्वारों की प्रापर्टी, खाते, सामान व किसी प्रकार की सामग्री पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कोई हक नहीं है और यदि कोई ऐसा करता है तो फिर यह कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी।
पेशी को लेकर हुई चर्चा:-झिंडा ने कहा कि बैठक में 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पेशी है जिसकी तैयारियों को लेकर चर्चा हुई और आगे की रूपरेखा तैयार की गई।