संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के लघु सचिवालय के पास करनाल रोड पर एलिवेटेड ट्रैक की बजाय रेलवे ओवरब्रिज बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत रेलवे के अधिकारियों ने बोर्ड के अधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। अब अनुमति मिलने के बाद यहां पर एलिवेटेड ट्रैक की जगह रेलवे ओवरब्रिज बनाने के लिए व्यावहारिकता का सर्वे करवाया जाएगा।
हालांकि यह सर्वे कब शुरू होगा, इसको लेकर रेलवे बोर्ड की तरफ से ही समय निर्धारित किया जाएगा। गौरतलब है कि करीब साढ़े चार किलोमीटर तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाना था परंतु इस ट्रैक व्यावहारिकता न मिलने की जानकारी गत अक्तूबर में पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं दी थी। ऐसे में अब यहां पर रेलवे ओवरब्रिज की बनाने पर विचार किया गया है। अब इस पर दोबारा सर्वे होगा। सर्वे होने के बाद इसके बजट को निर्धारित किया जाएगा। बजट की अनुमति मिलने के बाद ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
करीब ढाई साल पहले बजट भी किया था जारी ः एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण की प्रक्रिया के तहत प्रदेश सरकार ने करीब ढाई साल पहले ही 194 करोड़ रुपये का बजट भी प्रस्तावित किया था।
इसके बाद स्वयं मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से मुलाकात की थी। इसके बाद यहां पर रेलवे ने एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण के लिए सर्वे करवाया था। अब करवाए गए सर्वे भी एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण में असहमति जताई है। करनाल रोड स्थित फाटक पर रेलवे ने ओवरब्रिज का निर्माण करना था, लेकिन इस पर स्थानीय लोगों ने रोष जताया था। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2018 में एलिवेटेड ट्रैक की इसकी घोषणा की थी। इसके बाद केंद्र सरकार से इसके निर्माण को लेकर हरी झंडी दी थी। इसके बाद रेलवे की तरफ से किए गए सर्वे में व्यवाहरिकता न होने के चलते निर्माण में अंसभावनाएं जता दी हैं।
इस प्रकार से बनाई थी एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण की योजना ः एलिवेटेड ट्रैक करीब चार किलोमीटर तक बनाने की योजना बनाई गई थी। इसमें जींद रोड आरओबी से 200 मीटर से आगे शुरू कर गांव ग्योंग तक बनाने की योजना थी। इसमें डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई, डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई और ट्रैक डेढ़ किलोमीटर नीचे उतारने की योजना थी।
करनाल रोड पर एलिवेटेड ट्रैक की बजाय रेलवे ओवरब्रिज बनाने की प्रक्रिया के तहत आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। अब रेलवे बोर्ड की ओर से यह फैसला लिया जाना है कि यहां पर रेलवे ओवर ब्रिज किस प्रकार से बनाया जाना है। इस पर कार्यवाही जारी है। -जेके अरोड़ा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल सेक्शन, उत्तर रेलवे।
जाम ज्यादा रहता है
यहां पर काफी अधिक जाम रहता है। इसलिए एलिवेटेड ट्रैक बनना चाहिए। यदि यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बना तो भी जाम से राहत नहीं मिलेगी। ऐसा होने पर उनका धंधा भी चौपट होगा। -प्रवीन शर्मा, दुकानदार, कैथल।
प्रॉपर्टी की वैल्यू कम होगी
कुछ दिन पहले ही रेलवे फाटक पर मरम्मत के समय काफी हालात खराब हो गए थे। हादसे का भय भी दिख रहा था। ऐसे में यदि यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बनाया गया तो यहां मौजूद प्रॉपर्टी वैल्यू कम होगी और स्थानीय लोग परेशान होंगे। -डॉ. विवेक गर्ग, कैथल।
एलिवेटेड ट्रैक ही बेहतर
रेलवे ओवरब्रिज बनेगा तो सचिवालय के आस-पास स्थित सैंकड़ों दुकानदारों को नुकसान होगा। उनकी सरकार के अपील है कि एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाए। इससे दिक्कतें कम होंगी। एलिवेटेड ट्रैक ही बेहतर होगा। -पंकज, दुकानदार, कैथल।