फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: शहर की 10 कॉलोनियां वैध करने की तैयारी

Sun, 12 Mar 2023 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। शहर में 20 से 30 साल पहले से बसी 10 नई कॉलोनियों के भी नियमित होने की आस जगी है। इन्हें वैध करने के लिए आगामी 13 मार्च को होने वाली नगर परिषद की बैठक में रखा जाएगा। साथ ही पूर्व में डीटीपी कार्यालय द्वारा किए गए 49 कॉलोनियों के सर्वे के अनुसार पिछली बैठक में पास होने से रह गई 22 कॉलोनियों को भी इस बैठक में रखा जाएगा। यदि ये नगर परिषद से पास हो जाती हैं तो 59 अवैध कॉलोनियों में रहने वाली शहर की हजारों की संख्या में आबादी को विभिन्न सुविधाएं मिलने की दिशा में बड़ी पहल होगी।
विज्ञापन


डीटीपी कार्यालय द्वारा शहर की 49 कॉलोनियों को वैध करने के लिए सर्वे उपरांत नगर परिषद कार्यालय को भेजा था। सरकार के निर्देशानुसार इन कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा जाना था। नप की बैठक में पार्षदों ने इस बात पर रोष जताया था कि शहर में 20 से 30 साल पहले बसीं उन कॉलोनियों के इस सूची में नाम नहीं हैं, जो पूरी तरह से आबाद हो चुकी हैं। शहर के बाहरी इलाके में बसी कॉलोनियों को वैध करने से पूर्व दशकों पहले बसीं कॉलोनियों को भी वैध किया जाए। इसके बाद एक प्रस्ताव पारित किया गया कि जो कॉलोनियां 25 प्रतिशत से अधिक आबाद हो चुकी हैं, उन्हें पारित किया जाएगा। इस तरह से 27 कॉलोनियों को पास कर शेष कॉलोनियों के लिए सर्वे करवाने की बात कही गई थी। अभी तक शेष 22 कॉलोनियों के लिए सर्वे पूरा नहीं हुआ है। नगर परिषद कार्यालय को शहर में दशकों पहले बसीं 10 नई कॉलोनियों के प्रस्ताव पहुंचें हैं, जिन्हें इस बैठक में रखा जाएगा। इस तरह से 32 कॉलोनियों का विषय नप की 13 मार्च को होने वाली बैठक में रखा जाएगा।

एक्सईएन रवि ऑबराय ने बताया कि शहर में जो कॉलोनियां पूर्व में सर्वे से वंचित रह गई थीं, उनको नगर परिषद की हाउस की सोमवार को होने वाली बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा 10 कॉलोनियों के लिए नए आवेदन मिले हैं। इन कॉलोनियों का विषय भी बैठक में रखा जाएगा। पार्षद जो फैसला लेंगे, उसी अनुसार आगे इन कॉलोनियों के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


सुविधाओं से वंचित हैं अवैध कॉलोनियों में लोग

शहर में जो अवैध कॉलोनियां हैं, उनमें गलियों को पक्का करने, सीवरेज सहित विभिन्न सुविधाओं का अभाव है। कई कॉलोनियों में लोग पक्की सड़कों के लिए तरस रहे हैं। थोड़ी सी बारिश में लोगों को घरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यदि ये कॉलोनियां वैध हो जाएं तो लोगों को अन्य कॉलोनियों की तर्ज पर बिजली मीटर लगवाने सहित सभी सुविधाएं मिल सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें