कैथल। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की संभावित चौथी लहर में ऐसे बच्चों को संक्रमण होने की आशंका ज्यादा बताई है, जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। मेडिकल की भाषा में बात करें तो चौथी की लहर में कोमोरबिडिटी के शिकार बच्चों पर संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा रहेगा। इसमें गुर्दे, लीवर, सांस और फेफड़ों से संबंधित बीमारी से पीड़ित बच्चों के संक्रमित होने की आशंका ज्यादा रहेगी। ऐसे में विभाग ने अभिभावकों से अपील शुरू कर दी है कि वे अपने बच्चों को टीकाकरण और अन्य तरीकों का उपयोग कर पहले ही महामारी से लड़ने में सक्षम बना लें।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में बीमारी को लेकर सचेत रहने की जरूरत और भी ज्यादा है। कोरोना के लक्षणों में नई लहर में कोई बड़ा बदलाव अब तक सामने नहीं आया है। फिर भी जो लक्षण पहले से हैं, वे काफी खतरनाक हैं। ऐसे में विभाग कोमोरबिडिटी से पीड़ित उन बच्चों को टीकाकरण करवाने की अपील कर रहा है, जिनकी आयु 12 से लेकर 17 वर्ष के बीच है। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जिले में सभी सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण का कार्य जारी है। अभिभावक किसी भी नजदीकी केंद्र पर बच्चों को ले जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। टीकाकरण होने से बच्चों में महामारी से लड़ने की क्षमता और मजबूत होगी।
जिले में 17 लाख 4 हजार 263 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। बृहस्पतिवार को जिले में कोरोना का कोई नया केस सामने नहीं आया। इस समय दो सक्रिय केस हैं। पूरे जिले में अब तक जिले में 14 हजार 231 कोरोना के मरीजों में से 13 हजार 857 मरीज ठीक हो चुके हैं।
जिले में अब तक 17 लाख चार हजार 263 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है, जिनमें से आठ लाख 98 हजार 429 को पहली डोज, सात लाख 98 हजार 915 को दूसरी डोज और 6919 को बूस्टर डोज दी जा चुकी है। बृहस्पतिवार को 2243 लोगों का टीकाकरण किया गया।