डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग करते महिला के परिजन
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सामान्य अस्पताल में ना तो जिंदा की कद्र है और ना ही मुर्दा की। गांव मोहना निवासी महिला की मौत के बाद परिजनों ने कुछ ऐसे ही आरोप तब लगाए जब इलाज के अभाव में दम तोड़ने के बाद जच्चा के शव को पोस्टमार्टम रूम में चूहों ने कुतर डाला। वहीं स्वास्थ्य अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। लेकिन मामले की जांच हो तो कई खुलासे हो सकते हैं।
यह दास्तां है पूंडरी के गांव मोहना की रहने वाली एक महिला सीमा की। सीमा ने 15 नवंबर को एक बेटी को जन्म दिया। जन्म देने के बाद बेटी और मां दोनों ठीक थे। 20 नवंबर रात एक बजे महिला को घबराहट होनी शुरू हो गई और सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। अस्पताल में पास बैठी सास ने बहु की हालत देखकर कई बार नर्स व स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाई। लेकिन करीब तीन घंटे की गुहार के बावजूद उसकी कोई सुध नहीं ली गई। सुबह करीब चार बजे महिला की मौत हो गई। महिला के शव को पोस्टमार्टम गृह में रख दिया गया। वहां पर भी लापरवाही सामने आई और उसके शव को ऐसे ही छोड़ दिया। जहां चूहों ने महिला के शव को कुतर दिया। जिसे देखकर परिजनों की वेदना और बढ़ गई। परिजनों ने कहा कि साहब यहां ना तो जिंदा की कद्र है और ना ही मुर्दा की। महिला के पति की मांग है कि ऐसा किसी और के साथ ना हो इसलिए वह इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना चाहते हैं।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरडी चावला ने बताया कि शव को फ्रिजर में रखते समय शव को कुछ लग गया होगा। फ्रिजर में चूहे नहीं हो सकते। फिर भी जांच करेंगे की मामला क्या है।
उधर, डीएसपी तरुण कुमार ने भी परिजनों की इस शिकायत पर चिकित्सा अधिकारियों को कहा कि चूहों को लेकर मामले की जांच की जाए।