संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव पाबसर निवासी बुजुर्ग से अमेरिका में गए पौत्र की फेसबुक पर तस्वीर लगाकर साइबर ठगों ने एक लाख रुपये ठग लिए । आरोपियों ने अमेरिका में रह रहे परिजन की फोटो लगाकर पहले विश्वास जीता, फिर फर्जी बैंक कॉल और नकली ट्रांजैक्शन रसीद भेजकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव पाबसर निवासी छैलूराम ने बताया कि वह घर पर रहता है और उसका खाता पंजाब नेशनल बैंक में है। 4 अप्रैल को उसके फेसबुक मैसेंजर पर एक मैसेज आया, जिसमें उसके परिवार के पौत्र लवली की फोटो लगी हुई थी। मैसेज में हैलो और दादा जी कैसे हो लिखकर बातचीत शुरू की गई। छैलूराम ने उसे अपना पौत्र समझकर बातचीत जारी रखी।
बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को अमेरिका में रह रहा लवली बताते हुए कहा कि वीकेंड होने के कारण उसे 3.50 लाख रुपये की तत्काल जरूरत है और वह सोमवार को पैसे लौटा देगा। जब छैलूराम ने उसे अपने पिता से पैसे लेने की सलाह दी तो आरोपी ने पिता का फोन बंद होने की बात कही।
छैलूराम ने अपने भाई सुरेश कुमार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह पहले पैसे भेज रहा है और भारत आने पर ले लेगा। इस पर छैलूराम ने अपना बैंक खाता विवरण साझा कर दिया।
कुछ समय बाद उसके पास विदेश से एक कॉल आई, जिसमें खुद को अंतरराष्ट्रीय बैंक अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि लवली ने उसके खाते में 9,40,050 रुपये ट्रांसफर किए हैं, जो 24 घंटे में खाते में आ जाएंगे। इसके बाद फेसबुक पर उसी राशि की एक फर्जी जमा रसीद भी भेज दी गई।
इसके बाद आरोपी ने एक मोबाइल नंबर देकर उसे अपना एजेंट बताया। व्हाट्सएप पर संपर्क करने पर उस व्यक्ति ने कहा कि उसे लवली से 3.50 लाख रुपये लेने हैं और एक क्यूआर कोड भेज दिया। छैलूराम ने उस क्यूआर कोड के माध्यम से दो किस्तों में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
छैलूराम ने बताया कि रुपये भेजने के बाद फिर से कॉल कर शेष राशि भेजने का दबाव बनाया गया, तभी बुजुर्ग को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।