संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरसों की सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे किसानों और आढ़तियों के लिए सीजन की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पूंडरी, ढांड, कलायत और कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी में शनिवार से खरीद शुरू होनी थी, लेकिन सरकारी पोर्टल सही तरीके से काम न करने के कारण प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
इस बीच किसान एमएसपी के बजाय प्राइवेट व्यापारियों को सरसों बेचने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं, क्योंकि उन्हें वहां बेहतर दाम मिल रहे हैं। कलायत मंडी में सरसों 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है, जबकि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल है।
सरकारी खरीद के प्रति घटा उत्साह : इस बार किसानों में सरकारी खरीद को लेकर खास उत्साह नहीं दिख रहा है। स्थानीय मंडियों में प्राइवेट खरीदार एमएसपी से अधिक दाम दे रहे हैं, जिससे किसान सरकारी केंद्रों पर पोर्टल की प्रक्रिया में उलझने के बजाय सीधे बाजार में फसल बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
किसान नरेश गुर्जर और शमशेर ने बताया कि प्राइवेट खरीद में न केवल बेहतर दाम मिल रहे हैं, बल्कि भुगतान भी तुरंत हो जाता है। इसके विपरीत सरकारी खरीद में नमी जांच और पोर्टल एंट्री जैसी प्रक्रियाओं में समय अधिक लगता है।
उधर, कलायत अनाज मंडी में अभी तक कोई भी सरकारी एजेंसी नहीं पहुंची है, जिससे खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि मंडी में सरसों की आवक फिलहाल कम है, लेकिन इसके बावजूद प्राइवेट खरीदार सक्रिय हैं।
सरकारी पोर्टल न चल पाने के कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि जिले में करीब चार हजार क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। -मान सिंह, हैफेड मैनेजर