संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू तो हो चुकी है, लेकिन तकनीकी खामियों और पोर्टल की दिक्कतों के कारण किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
जिला प्रशासन की ओर से कलायत, पूंडरी, ढांड और कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी में खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, मगर इन केंद्रों पर पहुंच रहे किसानों को डाटा मिसमैच की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते फसल की तुलाई और गेट पास जारी होने में देरी हो रही है।
सोमवार को भी कैथल मंडी में सरकारी खरीद नहीं हो सकी। सरकार द्वारा सरसों की खरीद ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से की जा रही है,
लेकिन सर्वर की धीमी गति और तकनीकी त्रुटियों के कारण किसानों का डाटा मैच नहीं हो पा रहा।
हैफेड मैनेजर मान सिंह के अनुसार पोर्टल में आई तकनीकी खामी के चलते खरीद प्रक्रिया प्रभावित रही।
बाजार में मिल रहे सरसों के बेहतर दाम
केंद्र सरकार ने विपणन सीजन 2026-27 के लिए सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसके विपरीत बाजार में किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है। कैथल और आसपास की मंडियों में सरसों का भाव 6,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जो एमएसपी से अधिक है। निजी व्यापारी और तेल मिल संचालक किसानों से सीधे खरीद कर रहे हैं। सरकारी पोर्टल की जटिलताओं और डाटा मिसमैच की समस्या से बचने के लिए बड़ी संख्या में किसान निजी खरीदारों को अपनी फसल बेचना पसंद कर रहे हैं, जहां उन्हें बेहतर दाम के साथ तुरंत भुगतान भी मिल रहा है।