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Kaithal News: आबादी 13 लाख और सरकारी डॉक्टर 43

Thu, 11 Jul 2024 06:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कमल बहल
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कैथल। विश्व जनसंख्या दिवस वीरवार को मनाया जाएगा। इस समय कैथल जिले की आबादी 13 लाख से अधिक है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में 43 चिकित्सक ही तैनात हैं। इनकी कमी के चलते मरीजों को महंगे दामों में करवाना पड़ रहा अपना इलाज करवाना पड़ रहा है।

इस समय जिले के लोगों को सबसे अधिक परेशानी जिला के स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों का टोटा होना है। चिकित्सकों की यह कमी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। लोगों को चिकित्सकों की कमी के चलते निजी अस्पतालों में जाकर जेब ढीली करनी पड़ती है। आम मरीज परेशान होते हैं और उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा।
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लोगों का कहना है कि 13 लाख की आबादी पर मात्र 43 चिकित्सक ही होना जिले के काफी शर्म की बात है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि कैसे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं आखिर कैसे सुधरेगी। जिले के सिविल अस्पताल से लेकर सभी उप मंडल अस्पतालों व पीएचसी लेवल पर कुल 149 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से कुल 43 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। यानि चिकित्सकों के 106 पद खाली हैं। सबसे ज्यादा समस्या तो कलायत सब डिविजनल अस्पताल व 11 पीएचसी में है। दरअसल, यहां तो एक भी डॉक्टर नहीं है। कई सीएचसी ऐसी हैं, जिनमें सात की जरूरत है और काम दो डॉक्टरों से चलाना पड़ रहा है। डॉक्टर अगर एक अस्पताल से दूसरे में जांच करवाने चला जाए, तो दूसरे में मरीज इलाज के लिए भटकते है।

महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं ः जिला नागरिक अस्पताल में कोई महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। यहां पर रोजाना गायनी संबंधित 300 से ज्यादा ओपीडी होती है। इसलिए गर्भवतियों व अन्य महिलाओं को कैसा इलाज मिलता होगा। फिलहाल एल.एम.ओ डॉ. हमीता गायनी वार्ड को देख रही हैं। अस्पताल में रोजाना 10 से ज्यादा डिलीवरी केस आते हैं। इसमें नार्मल डिलीवरी से लेकर सिजेरियन डिलीवरी होती है। बिना डॉक्टर के यहां महिलाओं को काफी परेशानी होती है।

सांसद नवीन जिंदल व स्वास्थ्य मंत्री के पास भी उठ चुका मुद्दा ः चिकित्सकों की कमी का मुद्दा सांसद नवीन जिंदल व स्वास्थ्य मंत्री के पास भी उठ चुका है। दोनों ने जल्द चिकित्सकों की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया हुआ है। सांसद नवीन जिंदल के सामने सीएमओ ने भी चिकित्सकों की समस्याओं का मुद्दा रखा था।

दूसरी ओर इस बारे में रामेश्वर फौजी नीमवाला ने बताया कि काफी समय से अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। सरकार को डॉक्टरों की भर्ती निकालनी चाहिए। ताकि मरीजों को इधर- उधर न भटकना पड़े। संवाद

विश्व जनसंख्या दिवस आज

विश्व जनसंख्या दिवस हमें तेजी से बढ़ती जनसंख्या और उससे जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूक करता है। ज्यादा जनसंख्या होने पर समस्याएं भी सुरसा की तरह होती हैं। इनमें सबसे बड़ी है स्वास्थ्य समस्या। इसीलिए परिवार नियोजन के मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों से हमें और सरकार को निपटना होगा।

अस्पतालों में स्वीकृत और खाली पदों पर नजर

अस्पताल
स्वीकृत
भरे पद
खाली

कैथल
55
15
40

सीएचसी सीवन
07
03
04

पीएचसी पाडला
02
01
01

पीएचसी क्योडक़
02
02
00

सीएचसी गुहला
11
4
7

पीएचसी खरकां
02
00
02

पीएचसी कांगथली
02
01
01

पीएचसी अगोंध
02
00
02

पीएचसी भागल
02
01
01

पीएचसी अरनौली
02
00
02

सीएचसी पूंडरी
07
02
05

पीएचसी पाई
02
01
01

पीएचसी हाबड़ी
02
01
01

पीएचसी मुंदड़ी
02
02
00

सीएसची राजौंद
07
02
05

पीएचसी जाखौली
02
01
01

पीएचसी करोड़ा
02
00
02

पीएचसी किठाना
02
00
02

सीएचसी कौल
07
02
05

पीएचसी टीक
02
01
01

पीएचसी ढांड
02
01
01

पीएचसी रसीना
02
00
02

पीएचसी फरल 02
00
02

सीएससी कलायत
11
0
11

पीएचसी बालू
02
00
02

पीएचसी बाता
02
00
02

पीएचसी देवबन
02
02
00

पीएचसी सजूमा
02
01
01

पीएचसी बड़सीकरी
02
00
02


यहां नहीं हैं चिकित्सक

1. कलायत सब डिविजनल अस्पताल

2. पीएचसी खरकां
3. पीएचसी अगोंध
4. पीएचसी अरनौली
5. पीएचसी करोड़ा
6. पीएचसी किठाना
7. पीएचसी रसीना
8. पीएचसी फरल
9. पीएचसी बालू

10. पीएचसी बाता
11. पीएचसी बड़सीकरी


ये लंबी छुट्टी पर

सिविल अस्पताल
7

सीवन सीएचसी
1

गुहला एसडीएच 2

कलायत एसडीएच 2

जल्द ही जिले में एनएचएम के तहत डॉक्टर मिलेंगे। जल्द ही सिविल अस्पताल में महिला रोग डॉक्टर को भी भर्ती किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले दो महीनें में डॉक्टरों की कमी पूरी हो जाए। -डॉ. रेनू चावला, सीएमओ कैथल
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...लेकिन देश में डब्ल्यूएचओ के मानक से बेहतर व्यवस्था
डब्ल्यूएचओ के मानक के अनुसार एक हजार की जनसंख्या पर एक डॉक्टर होना चाहिए और भारत में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात इससे बेहतर 900 पर एक डॉक्टर ऑकड़ों में है।
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