कलायत। सिंचाई व अन्य पानी निकासी संसाधनों के कायाकल्प के लिए जारी करोड़ों रुपये के बजट में गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है।
गांव सिंणद व हरिपुरा के बीच से गुजर रही कैथल ड्रेन की बदहाल स्थिति ने सिंचाई विभाग के सफाई प्रबंधों की पोल खोली है। यह ड्रेन कचरे से अटी है, उसके चलते निकासी की बजाय इसके टूटने से बाढ़ की संभावना बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई करने की बजाय डे्रनों, माइनरों और डिस्टीब्यूट्रियों की मुख्य रूप से उन स्थानों पर सफाई की गई है जहां से अकसर लोगों व शीर्ष अधिकारियों का आना-जाना रहता है। निर्माण एजेंसी और जिम्मेवारी अधिकारी केवल कागजों में सफाई कार्य को पूरा करने में लगे हैं। उन्होंने इस सारे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग सरकार से की है।
एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि बाढ़ प्रबंधों को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण आदेश दिए थे। कैथल ड्रेन व कुछ दूसरे सिंचाई संसाधनों की समुचित सफाई न होने का मामला उनके संज्ञान में आया है। तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों से इस संबंध स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। संवाद