निजी वाहन चालक करते हैं मनमानी
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राजौंद से किठाना मार्ग पर यातायात के लिए सरकारी व निजी बसों की सर्विस न होने से जहां एक तरफ दर्जन भर गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं हरियाणा राज्य परिवहन विभाग को भी भारी चूना लग रहा है।
बता दे कि करीब 2 वर्ष पूर्व तक यहां एक निजी बस चलती थी जो दिन में कई चक्कर राजौंद से किठाना के लगाती थी। लेकिन पिछले 2 वर्ष से इस मार्ग पर बस की कोई भी सेवा नही है। यहां निजी वाहन चालकों की मनमानी लोगों के सर चढ़कर बोल रही है। चाहे माजरा जाना हो या रोहेड़ा चाहे किठाना आटो हो या टाटा ए एस सभी में कम से कम किराया 10 रुपये रखा गया है। जबकि राजौंद से माजरा 4 किलोमीटर, रोहेड़ा 6 किलोमीटर और किठाना 10 किलोमीटर है।
तीनों गांव का किराया 10 रुपयेे लिया जाता है। ऐसे में जहां हर रोज सैकड़ों यात्रियों को निजी वाहन चालकों की मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है। वहीं परिवहन विभाग को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आटो व अन्य वाहनों में यात्रा करने वाले कई अन्य यात्रियों ने बताया कि बस में जहां किराया भी निश्चित लगता था वहीं बस के ठहरने व चलने का भी समय निश्चित था। परंतु इस मार्ग पर वर्तमान में चल रहे यातायात के निजी वाहनों का न तो किराया निश्चित है ओर न ही ठहराव व चलने का समय।
निजी वाहन चालकों की मनमानी के चलते जनता को खर्चीला व जोखिम भरा सफर करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। ग्रामीण डा. धर्मबीर, प्रेम सिंह, अजमेर, जैला प्रजापत, रामनिवास, बलवान सिंह ने मांग की है कि इस मार्ग पर बस की सेवा बहाल की जाए।