संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। गांव िशमला मेंं करीब 12 एकड़ में विस्तार लिए तालाब का अमृत सरोवर योजना के तहत कायाकल्प करने की बजाय बदहाली का शिकार बनने पर विवाद हो गया है। ओवरफ्लो तालाब के गुरु रविदास काॅलोनी में पानी की निकासी, स्वच्छ जल भराव करने आदि की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सैनी और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को शिकायत भेजी है।
चंद्रभान सिंह, महेंद वकील, बलवान सिंह, गुलाब, बलवान सैन, जगदीश चंद, संतोष कुमार, सोनू, प्रमोद, मनीराम, किताब सिंह नंबरदार, रामपाल, जसवीर सिंह आदि का कहना है कि तालाब का गंदा पानी परेशानी का सबब बन गया है। दो वर्ष पहले निकासी के लिए आवासीय कालोनी में वाटर रिचार्ज सिस्टम लगाने का कार्य शुरू हुआ था लेकिन अभी तक यह सिरे नहीं चढ़ा है।
उन्होंने तालाब के पानी को ट्रीट कर खेतों की सिंचाई में उपयोग करने की मांग की, ताकि गंदे पानी के जल भराव से निजात मिल सके और पानी खेतीबाड़ी में प्रयोग हो सके। नाराज लोगों ने प्रदर्शन के लिए एकजुटता दिखाई तो मौके पर बीडीपीओ अन्नू और अन्य अधिकारी गांव में पहुंचे। मुआयना के बाद पानी निकासी का कार्य शुरू किया गया। कलायत की बीडीपीओ अनू ने कहा कि गांव सीमला में तालाब की निकासी व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम उठाए जा रहे है। श्री गुरु रविदास कालोनी से पानी निकासी व्यवस्था को बहाल करने के लिए पंपों को क्रियाशील किया गया है। उन्होंने पानी निकासी की पूर्ण व्यवस्था के लिए सप्ताह का समय मांगा। इस आश्वासन पर आवासीय क्षेत्र के लोग फिलहाल शांत हो गए।